मुजफ्फरनगर, जेएनएन। मुस्लिम से फिर हिंदू बने युवकों का विधि विधान से घर वापसी कराई गई तो उनका दर्द छलक गया। मतांतरण से लेकर उनके साथ जो झूठे वायदे किए गए उनका बारी-बारी से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग डराते थे। स्वजन को भी परेशान किया गया। लाखों रुपये की संपत्ति भी हड़प ली। आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपितों पर कार्रवाई नहीं की।

राजस्थान के भरतपुर निवासी व वर्तमान में चरथावल में रह रहे रोशन लाल ने घर वापसी करने के बाद अपने साथ हुए अत्याचारों की सारी परते खोल कर रख दी। रोशनलाल ने बताया कि वर्ष 2018 में उसकी तैनाती बघरा के पंजाब नेशनल बैंक में कर्लक के पद पर थी। उस समय वह विधर्मी मानसिकता वाले बैंक ग्राहकों के संपर्क में आया। उसने मुजफ्फरनगर के लद्दावाला में अपना मकान बनाया। उक्त लोग उसके मकान में किराए पर रहने लगे। इसके बाद उक्त लोगों ने उसको डरा-धमकाकर तथा नशीला पदार्थ खिलाकर जबरन मतांतरण कराया। आरोप है कि उक्त लोगों ने उसके मकान पर कब्जा किया हुआ है। जिसके संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस अभी तक किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं कर सकी। इस दौरान पीड़ित रोशनलाल भावुक हो गए।

छपार के गांव बढ़ीवाला निवासी अरविद ने बताया कि उसकी देशी जडी बुटियों की दुकान है। उसे फंसाने के लिए एक साजिश रची गई थी। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व पास के गांव के ही युवक खालिद व नदीम दुकान पर आते थे। उसे 10 लाख रुपये व सुंदर युवती से निकाह कराने का लालच दिया गया। बाद में न रुपये मिले और और न निकाह कराया। उक्त लोगों द्वारा ब्रेनवॉश कर दिया था। तब उनकी सब बातें अच्छी लगती थी।

चरथावल निवासी अमित ने कहा कि लव जिहाद के चलते जून 2014 में मतांतरण कराकर उसे अब्दुल बना दिया था। पीडित के पिता धर्मवीर ने बताया कि बेटे के मतांतरण के बाद परिवार बेहद दुखी था। अब बेटे के फिर से हिदू बनने पर स्वजन खुश हैं।

Edited By: Jagran