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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Muzaffarnagar News: साहब! जिंदा हूं मैं, पेंशन दिलवा दीजिए; अधिकारियों ने कागजों में चौकीदार को दिखाया मृत

By Dilshad AliEdited By: Abhishek Saxena
Published: Sat, 14 Oct 2023 03:20 PM (IST)

Muzaffarnagar News In Hindi चौकीदार ने शिकायत देकर अधिकारियों से कहा कि वह जीवित है लेकिन उसे मृत दर्शाने पर ...और पढ़ें

साहब! जिंदा हूं मैं, पेंशन दिलवा दीजिए
साहब! जिंदा हूं मैं, पेंशन दिलवा दीजिए

HighLights

  1. जिंदा चौकीदार लगा रहा है विभागों के चक्कर
  2. अधिकारियों ने दिए हैं जांच करने के आदेश

जागरण संवाददाता, खतौली/मुजफ्फरनगर। सरकारी मुलाजिमों के भी अजीब कारनामे हैं। कलम की धार तले कब किस की गर्दन फंसा दें। इनका कोई सानी नहीं है।

खेड़ी राघडान के वृद्ध चौकीदार ने अधिकारियों से गुहार लगाई है। कहा, कि साहब, मैं अभी जिंदा हूं, मुझे पत्रावलियों में मृत दर्शा दिया गया है। इसके चलते उसकी पेंशन बंद हो गई। शिकायत पर अधिकारियों ने जांच-पड़ताल करने का आश्वासन देकर वृद्ध को घर भेज दिया।

जय प्रकाश पुत्र बनी सिंह चौकीदार है

गांव खेड़ी राघडान निवासी वृद्ध जय प्रकाश पुत्र बनी सिंह चौकीदार है। उसे वृद्धावस्था की एक हजार रुपये की मासिक पेंशन मिल रही थी, लेकिन पिछले नौ माह से पेंशन मिलना बंद हो गया। इसको लेकर पीड़ित ने खंड विकास विभाग के अलावा अधिकारियों के खूब चक्कर लगाए।

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पीड़ित ने बताया, कि वह अपनी पेंशन बंद होने का कारण जानने विकास भवन गया था। यहां पर उसे जांच-पड़ताल के बाद जानकारी दी गई। खंड विकास विभाग के स्तर से उसे कागजों में मृत लिख दिया गया है। इसके चलते पीड़ित शनिवार को समाधान दिवस में शिकायत लेकर पहुंचा।

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'खेड़ी राघडान में जयप्रकाश नाम का दूसरा व्यक्ति है, जो मृत है। शिकायतकर्ता की पेंशन में लखनऊ स्तर से कार्रवाई होनी है। इसकी उसे जानकारी दी गई थी। फिर भी उसके कागजों की पुन: जांच-पड़ताल करा ली जाएगी। उन्होंने किसी ने शिकायत कर्ता को मृत नहीं लिखा है।' - पंकज सिद्धार्थ, ग्राम पंचायत सचिव, खतौली ब्लाक