दंगल में भूख से लड़ रहे यूपी के सुल्तान, प्रदेशीय विद्यालयीय कुश्ती प्रतियोगिता में पहलवानों को नहीं मिला भोजन
State School Wrestling Championship 66वीं प्रदेशीय विद्यालयीय कुश्ती प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे उत्तर प्रदेश के पहलवानों को दंगल में भूख से लड़ना पड़ा। मुरादाबाद में शुरू हुई प्रतियोगिता के पहले दिन बेहद ही लचर व्यवस्था रही।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। State School Wrestling Championship : 66वीं प्रदेशीय विद्यालयीय कुश्ती प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे उत्तर प्रदेश के पहलवानों को दंगल में भूख से लड़ना पड़ा। मुरादाबाद में शुरू हुई प्रतियोगिता के पहले दिन बेहद ही लचर व्यवस्था रही।
अधिकारियों के अलग-अलग दावे
पहलवानों को भोजन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। भोजन के लिए निर्धारित एक से दो बजे के बीच भोजन नहीं मिलने पर दोपहर बाद तीन बजे तक इंतजार करते-करते भूख से व्याकुल खिलाड़ियों ने बाहर जाकर अपने रुपये से भोजन किया। हालांकि दावा किया जा रहा है कि मंडल के टीम मैनेजर को कूपन देकर निश्शुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है। वहीं, डीआइओएस अरुण कुमार दुबे मंडल की ओर से भाेजन का खर्च स्वयं उठाने की बात बोल रहे हैं।
यूपी के 17 मंडल से पहुंचे हैं पहलवान
दोनों ही बातों में विरोधाभास है। इससे विभिन्न मंडलों से खिलाड़ियों की खुराक के साथ खेल हो रहा है। हैविट मुस्लिम इंटर कालेज में चार दिन तक प्रदेश स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता होगी। जिसमें 17 मंडल और दो स्पोर्ट्स कॉलेज समेत 765 खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। खिलाड़ियाें ने आरोप लगाया कि अपने पैसे से स्कूल की कैंटीन से खरीदकर खाया है।
60 और 80 रुपये में मिला कैंटीन से भोजन
रविवार को खिलाड़ी हैविट मुस्लिम इंटर कॉलेज पहुंच गए थे। पहले दिन 60 रुपये में भोजन खरीदकर खाया और दूसरे दिन 80 रुपये में खरीदकर खाया है। अगले दिन कैंटीन में 20 रुपये महंगा कर दिया। मेन्यू भी सामान्य स्तर का है। कोच बोले कि खेलों के शुभारंभ में ही एक बज गया। भोजन 3:30 बजे से मिलना था।
पहलवानों को समय से नहीं मिला भोजन
पहलवान को समय से भोजन चाहिए। इसलिए उन्होंने अपने पास से भोजन किया। जबकि खिलाड़ी को भोजन एक से दो बजे के बीच मिल जाना चाहिए। वाराणसी के खिलाड़ियों का आरोप है कि भोजन के लिए 80 रुपये का भुगतान करना पड़ा। सहारनपुर मंडल की खिलाड़ियों ने बताया कि उनके साथ आईं शिक्षिका ने अपने पास से पैसे दिए हैं। इसी तरह कई और खिलाड़ियों ने देर से भोजन मिलने पर अपने पैसों से खरीदकर भोजन किया।
दो लाख रुपये आयोजन के लिए मिले
दो लाख रुपये भोजन, टेंट, डीजे के लिए मिला है। इस हिसाब से भोजन समेत 22 रुपये प्रति खिलाड़ी खर्च बैठ रहा है। सामान्य स्तर का भोजन 50 से 60 रुपये से कम नहीं मिलता। पहलवान की खुराक तो वैसे भी ज्यादा होती है।
भोजन का मेन्यू
- दोपहर का भोजन-दाल चावल, छोले, आलू की सब्जी, पूरी व एक मिठाई।
- रात को मिक्स सब्जी, रोटी, छोले, एक मिठाई।
- सुबह के नाश्ते में ब्रेड पकौड़ा, चाय, बिस्किट, रस्क या ब्रैड की स्लाइज।
क्या कहते हैं अधिकारी
डीआइओएस अरुण कुमार दुबे ने बताया कि मंडलों को अपने-अपने खिलाड़ियों के भोजन का खर्च खुद उठाने का प्रवधान है। क्योंकि हर स्कूल में खेल शुल्क वसूला जाता है। जिस मंडल के जितने खिलाड़ी आए हैं। उनकी संख्या पूछकर कूपन दिया जाता है। जिससे खिलाड़ियों के लिए उसी हिसाब से भोजन तैयार कराया जा सके। कैंटीन से अगर बच्चे स्वयं खरीदकर खा रहे हैं तो यह उनकी इच्छा है। आयोजक स्कूल की ओर से भोजन के लिए व्यवस्था की गई है। यह मंडल के टीम मैनेजर की जिम्मेदारी है कि वह भोजन का ध्यान रखें।
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