UP Politics: अपने गढ़ में ही असमंजस में फंसी सपा, मुरादाबाद और अमरोहा पर रालोद और कांग्रेस दोनों की दावेदारी
UP Politics आगामी लोकसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने 16 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। चौंकाने वाली बात है कि अपने गढ़ माने जाने वाले मुरादाबाद मंडल में सिर्फ संभल सीट पर ही पार्टी ने तस्वीर साफ की है। वहां से मौजूदा सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क को प्रत्याशी बनाया है। मुरादाबाद के सांसद डा. एसटी हसन का नाम पहली सूची में शामिल नहीं है।

संजय रुस्तगी, मुरादाबाद। आगामी लोकसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने 16 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। चौंकाने वाली बात है कि अपने गढ़ माने जाने वाले मुरादाबाद मंडल में सिर्फ संभल सीट पर ही पार्टी ने तस्वीर साफ की है। वहां से मौजूदा सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क को प्रत्याशी बनाया है।
मुरादाबाद के सांसद डा. एसटी हसन के संसदीय दल के नेता होने के बाद भी उनका नाम पहली सूची में शामिल नहीं है। इसके पीछे रालोद और कांग्रेस से गठबंधन का पेच माना जा रहा है।
रामपुर सीट पर अनिर्णय की स्थिति
आजम खां के जेल में होने की वजह से पार्टी रामपुर में भी अनिर्णय की स्थिति में है। 2019 में मोदी लहर होने के बाद भी मंडल में भाजपा एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। सभी छह सीटें सपा-बसपा गठबंधन को ही मिलीं। हालांकि, उपचुनाव में रामपुर सीट भाजपा ने हासिल कर ली। लेकिन, अन्य सीटों को पार्टी चुनौती ही मानकर चल रही है।
संभल से डा. बर्क का नाम घोषित कर सपा ने जाहिर कर दिया है कि वह फूंक-फूंककर कदम रखने वाली है। वयोवृद्ध सांसद समय-समय पर बसपा प्रेम दिखा चुके हैं। माना जा रहा था, इस बार उनका टिकट कटेगा। लेकिन पहली सूची में ही उनका नाम शामिल करने के पीछे मुस्लिम मतों को अपने पक्ष में रखने का गणित दिख ही रहा है।
पार्टी ने नहीं की एसटी हसन के नाम की घोषणा
मुरादाबाद के सांसद डा. एसटी हसन को आजम खां के बाद पार्टी का कद्दावर मुस्लिम नेता माना जा रहा है। पहली सूची में उनका नाम भी शामिल होना तय माना जा रहा था। लेकिन पार्टी ने मुरादाबाद सीट से प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस अमरोहा और मुरादाबाद सीटों पर भी दावा कर रही है। अमरोहा के सांसद दानिश अली का बसपा से निष्कासन के बाद कांग्रेस में आना तय माना जा रहा है।
मुरादाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ता मेयर चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के एक लाख से अधिक वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहने से उत्साहित हैं। अमरोहा में रालोद की भी दावेदारी है, ऐसे में कांग्रेस को मुरादाबाद सीट देकर संतुष्ट करने की भी चर्चा है। हालांकि, सपा अपना प्रत्याशी उतारने पर अडिग है।
पहली सूची में प्रत्याशी की घोषणा से राजनीतिक हंगामा हो सकता था। लिहाजा अभी टालना उचित समझा गया है। आजम खां के जेल में होने के कारण रामपुर में प्रत्याशी की घोषणा करना जोखिमपूर्ण हो सकता था। मंडल की बिजनौर सीट पर भी रालोद का दावा है। आरक्षित नगीना सीट पर पार्टी दूसरे दलों का रुख देखना चाह रही है।
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