मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। रामपुर जिले की पुलिस द्वारा पांच करोड़ की नशीली दवाओं के साथ 11 लोगों की गिरफ्तार करने की काफी सराहना हो रही है। नशीली दवाओं के खिलाफ पुलिस की इस कार्रवाई की गूंज शासन तक पहुंच गई है। शासन ने भी इस मामले में रामपुर पुलिस की पीठ थपथपाई है। जिले की पुलिस को शासन ने एक लाख रुपये इनाम दिए जाने की घोषणा की है।

पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने बताया कि रामपुर पुलिस को पहली बार इतना बड़ा इनाम शासन स्तर से मिला है। इस इनाम के मिलने की जानकारी पर एसपी ने पूरी टीम को बुलाकर सम्मानित भी किया। शहजादनगर थाना पुलिस और एसओजी ने रविवार को दुर्गनगला से हाईवे की ओर जाने वाले मार्ग के किनारे एक खंडहर भवन में छापा मारा था। वहां से नशीली दवाओं के साथ 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने पांच करोड़ कीमत की दवाएं पकड़ी थीं। इन दवाओं की बिक्री का मास्टर माइंड मुरादाबाद का दवा व्यापारी सतीश गुप्ता निकला, जो अपने बेटे व दो अन्य साथियों की मदद से रामपुर, मुरादाबाद और सम्भल जिलों में यह कारोबार चला रहा था। पुलिस की इस कार्रवाई पर शासन ने एक लाख का इनाम दिया है। एसपी अंकित मित्तल ने इस कार्रवाई में शामिल पूरी टीम को बुलाकर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। टीम में सीओ केमरी अनुज कुमार चौधरी, एसओजी प्रभारी वीरेंद्र सिंह, निरीक्षक कुलदीप सिंह, दारोगा संजय कुमार, हेड कांस्टबिल दिनेश कुमार, मुस्तकीम अहमद, कांस्टबिल रोहित सिंह, सौरभ कुमार, नितेश कुमार, सीमांत मलिक, अंकुर कुमार, देवेंद्र कुमार, सीओ के हमराही कांस्टेबिल कपिल, रोहित कुमार, आशीष राणा, शहजादनगर थाने से प्रभारी अता मोहम्मद, एसएसआइ सुभाष चंद्र, एसआइ सुनील गिरी, हेड कांस्टबिल प्रमोद, राहुल और सन्नी सिंह शामिल रहे।

मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की तैयारी में पुलिस और औषधि विभाग : पांच करोड़ की नशीली दवाएं मिलने के बाद औषधि विभाग भी अलर्ट हो गया है। पुलिस की मदद से औषधि विभाग अभियान चलाकर मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी करेगा। औषधि निरीक्षक उर्मिला वर्मा ने बताया कि मेडिकल स्टोरों पर चेकिंग की जाएगी। वहां उपलब्ध नशीली दवाओं का स्टाक चेक किया जाएगा। कोई बिना बिलिंग के दवा खरीदता या बेचता मिलेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

रोडवेज कर्मियों पर कसेगा शिकंजा : नशीली दवाओं के काराेबार का भंडाफोड़ होने के बाद रोडवेज बसों के चालकों और परिचालकों पर भी पुलिस का शिकंजा कस सकता है। पुलिस द्वारा आरोपितों से पूछताछ में पता चला है कि नशीली दवाएं आगरा से मुरादाबाद रोडवेज बसों द्वारा लाई जाती थीं। इसके लिए बस चालकाें और परिचालकों को पेटियां पहुंचाने के बदले में रकम दी जाती थी। ज्यादातर रोडवेज चालक और परिचालक लालच में इसके लिए तैयार हो जाते थे। लेकिन, कुछ मना भी कर देते थे। अब पुलिस ऐसे चालक व परिचालकों की तलाश में जुटी है जो रुपये के लालच में नशीली दवाएं बसों से लाते थे। पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने बताया कि रोडवेज के अधिकारियों को इस संंबंध में अवगत कराएंगे कि कोई भी चालक और परिचालक इस तरह बिना जानकारी किसी का सामान न पहुंचाएं। 

Edited By: Narendra Kumar