जागरण संवाददाता, मुरादाबाद :

मुकद्दस रमजान के तीसरे जुमे को लेकर मुस्लिम क्षेत्रों में कारोबार पूरी तरह बंद था। जुमे की नमाज के लिए सुबह से ही तैयारी शुरू हो गई थी। फजर की नमाज के बाद मस्जिदों में लोग तिलावत करते रहे। 11 बजे से ही अगली सफों में नमाज अदा करने के लिए पहले ही मस्जिदों में लोग पहुंच गए थे। दोपहर साढ़े 12 बजे तक जामा मस्जिद में रोजेदारों से सभी सफ भर चुकी थीं। शहर इमाम सैयद मासूम अली ने मुकद्दस रमजान के तीनों अश्रों की फजीलत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नमाज पाबंदी से अदा करें। अल्लाह की रजा के लिए काम करें। रोजे का अहतराम करें और अल्लाह को राजी करने के लिए दुआ मांगें। इस महीने में अल्लाह रब्बुल इज्जत एक के बदले 70 नेकियां अता करता है। रहमतों की बारिश होती है। गुनाहों से तौबा करें। इसके बाद नायब शहर इमाम मुफ्ती सैयद फहद अली ने खुत्बे के बाद नमाज अदा कराई। मुल्क की खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ कराई गई।

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हमारी इबादतों को अपनी बारगाह में कुबूल फरमा

-ए अल्लाह मुकद्दस रमजान का ये पहला जुमा है। इस मुबारक माह की बरकतों से हम सभी को फैजयाब अता फरमा। दुनिया में अमन कायम रख और हमारी इबादतों को अपनी बारगाह में कुबूल फरमा। इस मुकद्दस महीने की बरकतों की बारिश सभी पर अता फरमा। लोगों की परेशानियों को दूर कर दे।

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रमजान मुबारक के महीने का अहतराम करें। रोजेदारों का अहतराम करें। जितना हो सके तिलावत करें। अल्लाह को राजी करने के लिए दुआ मांगें। जकात अदा करें। सबसे पहले पड़ोस, मुहल्ले और अपने शहर के लोगों की मदद करें। हर नेकी के बदले 70 नेकियां मिलती हैं। इन्हें जाया नहीं होने दें।

-सैयद मासूम अली, शहर इमाम। ..................... ग्रामीण क्षेत्रों में खचाखच भरी रहीं मस्जिदें

पाकबड़ा, जासं : मुकद्दस रमजान के तीसरे जुमे को भी मस्जिदें रोजेदारों से खचाखच भरी रहीं। मस्जिद इमाम ने मुकद्दस रमजान की फजीलत बयान की। जामा मस्जिद के हाफिज शम्मे आलम ने जुमे की नमाज अदा कराई। इसके अलावा ईदगाह मस्जिद में हाफिज मुहम्मद अली, हाफिज महमूद, हाफिज तसव्वुर ने मस्जिदों में नमाज अदा कराई। इसके अलावा समाथल, हाशमपुर गोपाल, महलकपुर माफी, रतनपुर कलां, करनपुर, पल्लुपुरा मिलक, लोधीपुर आदि गांव में भी सकुशल नमाज हुई। इस दौरान पूर्व विधायक जाहिद हुसैन अंसारी, हाजी तबारक हुसैन, मुहम्मद नवाब शेरी, सूफी अब्दुल गफ्फार, मुंशी इस्हाक हुसैन, मुहम्मद मुरसलीन, साजिद सुल्तान, हाजी नासिर हुसैन रहे। पुलिस ने सभी मस्जिदों पर सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम करा रखे थे।

Posted By: Jagran