मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। शनिवार को महिला डाक्टर के शव का पोस्टमार्टम पुलिस ने तीन डाक्टरों की मेडिकल टीम से कराया। पोस्टमार्टम की वीडियो रिकार्डिंग भी कराई गई है। महिला चिकित्सक के हाथ पर तार के निशान के अलावा अन्य कोई पुष्टि नहीं हुई है। बिसरा सुरक्षित रख लिया गया है। जिसे जांच के लिए फोरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। इसके बाद ही पुष्टि हो पाएगी कि डाक्टर की मौत नशा या जहर से हुई है। वहीं चिकित्सक के भाई और पिता ने हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की जांच कराने की मांग की है।

जनपद बलिया के चकिया मजामपुर के रहने वाले रमाशंकर सिंह फरीदाबाद के सेक्टर 34 में परिवार के साथ किराए के मकान में रहते हैं। उनकी 30 वर्षीय बेटी डा. निधि सिंह मुरादाबाद के कांठ रोड स्थित एशियन विवेकानंद अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट के पद पर कार्य कर रहीं थीं। कांठ रोड पर ही इंपीरियल ग्रीन अपार्टमेंट के फ्लैट में अकेली रहती थीं। बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे तक उन्होंने अस्पताल में ड्यूटी की। इसके बाद वह घर चली गईं। बुधवार शाम पांच बजे के बाद उन्‍होंने किसी का फोन रिसीव नहीं क‍िया था। शुक्रवार शाम निधि का फोन न उठने पर पिता ने फरीदाबाद से अस्पताल कर्मचारियों का काल करके फ्लैट पर भेजा। कर्मचारी फ्लैट पर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और डुप्लीकेट चाबी से दरवाजा खोला गया। इसके बाद पुलिस ने अंदर जाकर देखा तो डाक्टर का शव बेड पर पड़ा था। पास में ही इंजेक्शन और शराब की बोतल रखी थी। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल करने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया था। बेटी की मौत की खबर मिलने पर पिता रमाशंकर सिंह और भाई रौनक व मां नीलम के अलावा अन्य स्‍वजन भी मुरादाबाद पहुंच गए थे। शनिवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। मेडिकल टीम में चेस्ट फिजिशियन डा. प्रवीण शाह, डा. जुनैद अंसारी, महिला चिकित्सक डा. अर्चना यादव ने एक घंटे में पोस्टमार्टम कर दिया। इसकी वीडियो रिकार्डिंग भी कराई गई। पोस्टमार्टम में मौत की वजह से साफ नहीं होने पर मेडिकल टीम ने बिसरा सुरक्षित कर लिया। एएसपी सागर जैन ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। बिसरा सुरक्षित रखा गया है। जिससे जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद शव स्‍वजन को दे दिया गया है। पर‍िवार के लोग हत्या का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग कर रहे हैं। 

Edited By: Narendra Kumar