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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नए सत्र से इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और पावर पढ़ेंगे स्कूलों के छात्र, पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू होगी पढ़ाई

By Shubham SharmaEdited By: Siddharth Chaurasiya
Published: Wed, 11 Oct 2023 07:01 PM (IST)

राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कौशल विकास से संबंधित विषय स्कूलों में लागू करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में ...और पढ़ें

राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कौशल विकास से संबंधित विषय स्कूलों में लागू करने का निर्णय लिया गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कौशल विकास से संबंधित विषय स्कूलों में लागू करने का निर्णय लिया गया है।

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कौशल विकास से संबंधित विषय स्कूलों में लागू करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में पायलट प्रोजेक्ट के तहत जीजीआईसी लाइनपार, जीआईसी सलेमपुर, जीआईसी रतनपुर कलां और जीआईसी सरकड़ा खास में इंफॉर्मेशन टेक्नालॉजी (आईटी) और पॉवर (बिजली) के बारे में कक्षा नवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं।

अगले सत्र से सभी माध्यमिक विद्यालयों में कौशल विकास के यह विषय लागू हो जाएंगे। माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों को हुनरमंद बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अरुण कुमार दुबे ने बताया कि जिले में चार राजकीय विद्यालयों में इसकी शुरुआत हो गई है, यहां बच्चों को आईटी, सिलाई-कढ़ाई व पावर की जानकारी दी जा रही है।

अब नए सत्र में रोजगारन्मुखी कोर्स सोलर एनर्जी और ड्रोन इंजीनियरिंग कोर्स पढ़ाए जाएंगे। इसके लिए कौशल विकास मिशन कार्यालय द्वारा संसाधन विद्यालयों में उपलब्ध कराए हैं। प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षक भी कौशल विकास मिशन से स्कूल में पहुंच रहे हैं।

शासन की ओर से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 12वीं तक के विद्यार्थियों का कौशल विकास कर उन्हें निजी क्षेत्र के रोजगार के लिए तैयार करने के निर्देश हैं। 70 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थियों का मूल्यांकन करते हुए उन्हें परीक्षा के लिए पात्र माना जाएगा। उत्तीर्ण होने पर उन्हें कौशल विकास मिशन का प्रमाणपत्र मिलेगा।