मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। अनजाने में पुलिस के हाथ छात्र-छात्राओं के फर्जी आधार कार्ड बनाकर छात्रवृत्ति डकारने वाले दो शातिर लग गए। पकड़े गए आरोपितों के पास से फर्जी आधारकार्ड, छात्र-छात्राओं के फोटो के साथ ही सिम बरामद किए गए हैं। इस काम को स्कूल का प्रबंधक अपने दो रिश्तेदारों के साथ मिलकर कर रहा था। एसपी सिटी ने बताया कि स्कूल संचालक अभी गायब है, उसके पकड़े जाने के बाद ही इस बात का पता चलेगा कि कितने छात्रों को फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति की धनराशि हड़पी गई है।

पुलिस लाइन में एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि सिविल लाइंस थाना पुलिस रविवार रात को मुरादाबाद क्लब के सामने चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान दो युवकों को चेकिंग के लिए रोका गया। वह दोनों रुकने के बजाय भागने लगे। पुलिस कर्मियों ने दौड़कर उन्हें पकड़ा। पकड़े गए युवकों ने अपना नाम अनस और हस्सान निवासी सिकंदराबाद थाना टांडा जनपद रामपुर बताया। आपस में मामा-भांजे का रिश्ता बताया। इनके पास से 91 आधार कार्ड मिले, इसमें 37 आधार कार्ड फर्जी पाए गए, वहीं 1900 छात्र-छात्राओं के फोटो के साथ 37 मोबाइल सिम बरामद हुए। सख्ती से पुलिस ने पूछताछ की तो अनस ने बताया कि उसका मामा ताहिर रामपुर जनपद के सिकंदराबाद गांव में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का संचालक है। वह छात्र-छात्राओं के फर्जी आधार कार्ड बनवाने के साथ ही फिर उसी के आधार पर सिम कार्ड लेता था। छात्रवृत्ति फार्म भरने के दौरान आधार कार्ड और सिम कार्ड का प्रयोग करके छात्रवृत्ति हड़पने का काम करता था। छह माह पहले ताहिर ने अपने साले हस्सान को ग्राहक सेवा केंद्र भी खुलवाया था। इसी केंद्र में छात्रों के फार्म भरने के साथ ही उनके फर्जी आधार कार्ड बनाने के साथ ही फिर उसी आधार कार्ड से सिम लेने का काम किया जाता था। एसपी सिटी ने बताया कि इस मामले का मुख्य आरोपित ताहिर निवासी अब्बासपुर थाना टाडा जनपद रामपुर अभी फरार चल रहा है। उसको पकड़ने के लिए पुलिस दबिश दे रही है।  पुलिस की पूछताछ में आरोपित अनस ने बताया कि वह दसवीं पास हैं और मामा के कहने पर वह आधार कार्ड की फोटो बदलने के साथ ही दूसरे छात्र-छात्राओं का फोटो लगाकर अपडेट कर देता था। सोमवार को उन्हें बैंक से दस हजार रुपये निकालने थे। इसी कारण से वह मुरादाबाद आए थे। पकड़े जाने के बाद पहले तो पुलिस को गुमराह करते रहे है। अफसरों ने बताया कि अनस कंप्यूटर चलाने में शातिर है। प्रोफाइल को अपडेट करने का काम वहीं करता था, जबकि फार्म भरने और मोबाइल सिम में ओटीपी आने की जानकारी हस्सान देता था। 

Edited By: Narendra Kumar