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    Moradabad में रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, धान की फसल ढह गई, आलू में भरा पानी

    Rain in Moradabad मुरादाबाद में तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। रिकॉर्ड तोड़ बारिश से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। धान और आलू की फसलों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। आलू के खेतों में पानी भर गया है।

    By Mohsin PashaEdited By: Samanvay PandeyUpdated: Mon, 10 Oct 2022 05:37 PM (IST)
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    Rain in Moradabad : धान की पैदावार पर भी असर पड़ेगा।

    मुरादाबाद, जेएनएन। Rain in Moradabad : मुरादाबाद में तीन दिन से लगातार बारिश हो रही है। रिकॉर्ड तोड़ बारिश से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। धान और आलू की फसलों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। आलू के खेतों में पानी भर गया है। धान की फसल खेत में भी बिछ गयी है। इससे धान की पैदावार पर भी असर पड़ेगा।

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    वर्षा से बर्बाद होने वाले किसानों के घरों में मायूसी छायी हुई है। लेकिन, सरकार ने अभी तक किसानों को राहत देने के लिए कोई घोषणा नहीं की है। किसानों की मांग है कि सरकार फसलों के नुकसान का आंकलन कराकर मुआवजा दे। तीन दिन से लगातार वर्षा से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

    लेखपालों को क्षति का आकलन करने के लिए किया अलर्ट

    जिन किसानों ने धान की फसल काट ली थी, उनकी फसल पानी में डूब गयी है। खड़ी हुई फसल खेतों में गिर गयी है। तहसीलदार बिलारी सारा अशरफ खान ने क्षेत्र का भ्रमण करके फसलों को होने वाली क्षति का आकलन करके सभी लेखपालों को अलर्ट कर दिया।

    किसानों का बड़े पैमाने पर नुकसान

    कहा कि सभी लेखपाल क्षेत्र में जाकर वर्षा से होने वाले नुकसान का आकलन करके रिपोर्ट दें। बेमौसम वर्षा से कुंदरकी के किसान भी बेहाल हैं। वर्षा से खेतों में खड़ी धान की फसल बर्बाद होने से किसानों को बड़े पैमाने पर नुकसान हो गया है। किसानों को इस बार रबी की फसल की बंपर पैदावार होने की उम्मीद थी।

    तेज हवा से धान की बालियां झड़ीं

    वर्षा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। तेज हवा व वर्षा से धान की बालियां झड़ गई हैं। डिलारी में किसानों की धान की कटी फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। धान फसल बर्बाद होने किसानों के चेहरे पर मायूसी है। ठाकुरद्वारा में धान की अच्छी पैदावार होती है। वर्षा से किसानों के बासमती धान की फसल में बीज अंकुरित होने शुरू हो गए हैं।

    जानवरों का चारा भी खराब

    जानवरों का चारा लगातार पड़ रही वर्षा से खराब हो रहा है। खेतों में पानी खेतों में भरने के कारण किसानों की कटी धान की फसल गलने लगी है। वर्षा अधिक होने के बाद सब्जियों को भी काफी नुकसान हुआ है। आलू, लौकी अरबी, तुरई की सब्जियों के खेतों में पानी भर गया है।

    फसल बर्बाद होने से किसान परेशान

    धान और आलू आदि सब्जियों के खेतों में पानी भर जाने से बर्बाद किसान गेहूं बुवाई और खाद के खरीदने के लिए भी परेशान रहेगा। मैनाठेर, भोजपुर, पाकबड़ा, छजलैट, भगतपुर टांडा और मूंढापांडे क्षेत्र के किसानों भी फसलों को भी वर्षा से भारी नुकसान हुआ है।

    सर्दी में महंगी होंगी मौसमी सब्जियां

    जिला उद्यान अधिकारी गया प्रसाद ने बताया कि लगातार वर्षा से आलू की बुवाई करने वाले सभी प्लांट जल मग्न हैं। प्रक्षेत्र बिलारी मुरादाबाद पर आलू की बुवाई 15 दिन लेट से हो सकेगी। बुवाई के लिए तैयार खेतों में अब दोबारा से तैयारी करानी होगी। इसके कारण आलू उत्पादन पर दोहरा होगा।

    आलू की फसल बर्बाद

    इसके अतिरिक्त किसानों के यहां बोया गया अर्ली आलू भी खेतों में पानी भरने कारण जम नहीं सकेगा। मिट्टी में आलू बीज सड़ने की संभावना बनी रहेगी। रबी मौसम में सब्जी उत्पादन के लिए बोयी गयी बैंगन, टमाटर, मिर्च, फूलगोभी, पातगोभी,गांठगोभी, शिमला मिर्च की पौध का भी जमाव बहुत कम होने की संभावना है। मौसमी की सब्जियों में सोयाबीन, मैथी, पालक, मटर, आदि सब्जियों की बुवाई भी वर्षा से लेट हो चुकी है। फसलों की उत्पादन लागत भी बढ़ेगी।