मुरादाबाद के कुणाल ने पैरा टेबल टेनिस ओपन 2022 में जीता सिल्वर मेडल, थाइलैंड में हुई थी चैंपियनशिप
Para Table Tennis Open 2022 थाईलैंड के नॉन्गनूच पटाया शहर में आयोजित पैरा टेबल टेनिस ओपन 2022 में मुरादाबाद के कुणाल अरोड़ा और उनकी जोड़ीदार वारबे ने मिक्स डबल में रजत पदक जीता है। फाइनल मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। Para Table Tennis Open 2022 : थाईलैंड के नॉन्गनूच पटाया शहर में आयोजित पैरा टेबल टेनिस ओपन 2022 में मुरादाबाद के कुणाल अरोड़ा ने रजत पदक जीता है। चैंपियनशिप 18 से 21 जुलाई तक आयोजित की गई थी। इसमें मुरादाबाद के कुणाल ने भारत के लिए मिक्स डबल्स में अपनी पार्टनर वारबे पूर्ति जय देव के साथ खेलते हुए रजत पदक जीता है।
कुणाल और वारबे ने मुखर्जी जगन्नाथ और पूनम की जोड़ी को 11-06, 1-1 और 11-6 से हराकर 3-0 से मुकाबला जीतकर अगले राउंड में कजाकिस्तान के औरज बैक अजामत और उनकी पार्टनर बदु ओवा एलदाना को कड़े मुकाबले में 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था।
फाइनल के कड़े मुकाबले में कुणाल और वारबे की जोड़ी को हार का सामना करना पड़ा। 15- 13, 11-01, 11-8 से हार मिली लेकिन, भारत के लिए सिल्वर पदक हासिल किया। इसी टूर्नामेंट में कुणाल अरोड़ा ने सिंगल्स में अपने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए जापान के खिलाड़ी को 11-9, 13-11, 5-11 और 11-7 से जीत कर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।
सेमीफाइनल में कड़े मुकाबले में कुवैत के खिलाड़ी से उन्हें सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा। पुरुष डबल्स में भी अपने पार्टनर के साथ पहला राउंड हांगकांग की टीम से जीता और दूसरे राउंड में कड़े मुकाबले के पश्चात इजरायल की टीम से हार गए। अपने शानदार खेल से एक बार पुनः कुणाल अरोड़ा ने देश का नाम रोशन किया है।
कुणाल अरोड़ा पिछले एक वर्ष से दीपक मलिक (पिनाकल टेबल टेनिस अकादमी) के मुख्य कोच के मार्गदर्शन में अपनी प्रैक्टिस कर रहे हैं। कुणाल अरोड़ा ने जीत का श्रेय अपने माता-पिता (यशपाल अरोड़ा एवं सोनिया अरोड़ा) को दिया है।इससे पूर्व कुणाल अरोड़ा चार बार नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल कर चुके हैं।
कुणाल पांच बार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की टीम से खेल चुके हैं और चीन एवं इजिप्ट में भी कांस्य पदक जीत चुके हैं। अब तक कुणाल ने भारत की ओर से जॉर्डन, चीन (बीजिंग) थाईलैंड, इजिप्ट एवं पटाया में भाग लेकर देश का नाम रोशन किया है।
कुणाल अरोड़ा बचपन से ही थैलेसीमिया जैसी घातक बीमारी से जूझ रहे हैं। इस बीमारी से जूझते हुए उन्होंने टेबल टेनिस में अपनी कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। किसी भी टूर्नामेंट में खेलने से पहले उनको दो यूनिट खून चढ़ाना पड़ता है। यही नहीं हर 15 दिन में रेड क्रॉस सोसाइटी से खून लेकर दिल्ली के हॉस्पिटल में दो बोतल खून चढ़ाना पड़ता है।
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