मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। Newborn in Bushes : बेटियों को लेकर सरकार समाज को संवेदनशील बनाने के लिए लगातार अभियान चला रही है। इसके बावजूद कुछ लोगों का पत्थर दिल पसीज नहीं रहा है। बेटी की खिलखिलाती मुस्कान उनके दिल में चुभ रही है। रविवार शाम को कुछ ऐसा ही दर्दनाक दृश्य देखने को मिला, जब मझोला थाना थाने से करीब सौ कदम की दूरी पर गागन नदी पुल के किनारे झाड़ियों में एक नवजात लावार‍िस हालत में पड़ी मिली। सड़क से गुजर रहेे राहगीरों ने झाड़ियों से मासूम के रोने की आवाज सुनी तो बच्ची को उठाकर सीने से लगा लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। चाइल्ड लाइन के अधिकारियों की सुपुर्दगी में बच्ची का इलाज किया जा रहा है।

दिल्ली रोड गागन नदी पुल के पास थाना मझोला से सटा हुआ गुरुद्वारा है। नदी का किनारा होने के कारण आसपास झाड़ियां उगी हुईं हैं। रविवार देर शाम करीब साढ़े आठ बजे एक राहगीर ने बच्‍ची के रोने की आवाज सुनी। कुछ लोगों ने जाकर देखा तो कपड़े में ल‍िपटी एक नवजात बच्‍ची पड़ी थी। लोगों ने मझोला थाने में सूचना दी। पुलिस नवजात को थाने लेकर आई और चाइल्ड लाइन को सूचना दी गई। महिला सिपाही ने बच्‍ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। मझोला थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया क‍ि नवजात बच्ची के मिलने की सूचना चाइल्ड लाइन को दी गई है। सूचना मिलने के बाद चाइल्ड लाइन की जिला समन्वयक श्रद्धा शर्मा, रेसू और मानसी की मौजूदगी में नवजात का उपचार चल रहा है। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अमित कौशल व सदस्य हरिमोहन गुप्ता भी पहुंच गए।

जन्म लेते ही बच्ची को फेंका गया : मझोला थाना प्रभारी ने बताया कि जिस स्थिति में नवजात मिली हैं, ऐसे में आशंका है कि जन्म लेने के बाद ही कोई नवजात को चोरी-छिपे कोई फेंककर भाग गया है। श्रद्धा शर्मा ने बताया कि आसपास क्षेत्र में ही बच्ची के माता-पिता मौजूद हो सकते हैं। झाडि़यों में फेंके जाने से नवजात के शरीर पर चोट लगी है, उसका इलाज क‍िया जा रहा है।

सीसीटीवी फुटेज चेक करने में जुटी पुलिस : मझोला थाना पुलिस दिल्ली रोड पर लगे सीसीटीवी फुटेज को देखना शुरू कर दिया है। वहीं थाने के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को चेक किया जा रहा है। थाना प्रभारी ने कहा कि जल्द ही नवजात के फेंकने वालों की पहचान कर ली जाएगी।

 

Edited By: Narendra Kumar