क्या मुरादाबाद में सपा कार्यालय आज होगा खाली ? प्रशासन के दिए नोटिस का है आखिरी दिन
मुरादाबाद में सपा कार्यालय को खाली कराने के नोटिस का आज अंतिम दिन है। प्रशासन ने सपा जिलाध्यक्ष को 30 जुलाई को नोटिस जारी कर एक महीने में भवन खाली करने का आदेश दिया था। सपा जिलाध्यक्ष ने किराया जमा होने की बात कही है और जरूरत पड़ने पर अदालत जाने की बात कही है। प्रशासन नोटिस की अवधि खत्म होते ही कार्रवाई करेगा।

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। चर्चित सपा कार्यालय प्रकरण में नोटिस का आज यानी शनिवार अंतिम दिन है। बीते 30 जुलाई को प्रशासन की ओर से सपा जिलाध्यक्ष को जारी नोटिस में एक माह के भीतर भवन खाली करने की बात कही गई थी। जारी नोटिस में स्पष्ट कहा गया कि नोटिस प्राप्ति के एक माह के भीतर भवन खाली कर दे और कब्जा व दखल जिला प्रशासन काे दे दें।
यह भी कहा गया, कि नोटिस की पूर्ति ना करने पर भवन को रिक्त कराने के लिए सक्षम न्यायालय में वाद योजित करना पड़ेगा और एक हजार रुपये प्रतिदिन की दर से हर्जा भी वसूल किया जाएगा। ऐसे में तय माना जा रहा है कि नोटिस का अंतिम दिन पूरा होते ही प्रशासन भवन पर कब्जा लेने की तैयारी शुरू करेगा।
नोटिस जारी कर भवन को एक माह के भीतर खाली करने की कही गई थी बात
बीती 30 जुलाई को सपा जिलाध्यक्ष को जारी नोटिस में कहा गया था कि चक्कर की मिलक स्थित कोठी संख्या-4 शासन की ओर से 13 जुलाई 1994 को 250 रुपये के मासिक किराये पर सपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को आवंटित किया गया था। उक्त भवन नजूल की भूमि है जिसका स्वामी उत्तर प्रदेश राज्य है और नगर निगम के प्रबंधन में है। मुलायम सिंह की मृत्यु के बाद उक्त भवन के नामांतरण के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई। व
बीते दिन सपा जिलाध्यक्ष ने एडीएम से मिलकर रखा था अपना पक्ष, सौंपे थे प्रपत्र
र्तमान में सरकारी योजना हेतु विभाग को शासकीय भूमियों की आवश्यकता है। अधिकारियों के आवास की भी आवश्यकता है। ऐसी परिस्थिति में नोटिस प्राप्ति के एक माह के भीतर भवन को खाली कर दिया जाए। नोटिस का समय खत्म होने के करीब आ गया। तब गुरुवार को सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव, जिला महासचिव फुरकान अहमद के साथ एडीएम वित्त एवं राजस्व से मिले। कार्यालय आवंटन से जुड़े कागजात और किराए की रसीदें सौंपीं।
बताया कि दिसंबर 2025 तक का किराया जमा किया जा चुका है, इसलिए बंगले पर कब्जा पूरी तरह कानूनी है। यह भी बताया कि कोठी का आवंटन पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के नाम शासनादेश से हुआ था। बाद में इसे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम जिला कार्यालय के रूप में मान्यता मिली। हमने हमेशा समय से किराया जमा किया। जरूरत पड़ने पर हम अदालत की शरण लेंगे।
प्रकरण में 30 जुलाई को नोटिस जारी किया गया था। एक दिन शेष है। नोटिस की मियाद खत्म होते ही नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। - ममता मालवीय, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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