Moradabad News: बाढ़ से पहले प्रशासन की तैयारी, 78 गांव संवेदनशील; इंसीडेंट रेस्पांस टीम बनेगी मददगार
मुरादाबाद में बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। रामगंगा किनारे के 78 संवेदनशील गांवों में इंसीटेंड रेस्पांस टीम का गठन किया गया है। डीएम अनुज सिंह ने अधिकारियों को राहत शिविरों में उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में आवश्यक सामग्री का भंडारण करने के निर्देश दिए हैं। गोताखोरों को प्रशिक्षण देने की भी योजना है।

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। कालागढ़ डैम से पानी छोड़े जाने पर रामगंगा का जलस्तर बढ़ता है, जिससे हर वर्ष कई गांव बाढ़ की चपेट में आते हैं। फसलें जलमग्न होती हैं। रामगंगा किनारे स्थित 50 गांव समेत 78 गांव बाढ़ को लेकर जिले में संवेदनशील हैं। इसमें मूंढापांडे के 18 गांवों में 13 गांव ऐसे हैं जिसमें सीधे तौर पर आबादी भी प्रभावित होती है।
ऐसे में बाढ़ की स्थिति पर तत्काल मदद पहुंच सके। इसको लेकर संवेदनशील सभी 78 गांव में इंसीटेंड रेस्पांस टीम तैयार की गई है जिसमें प्रधान, एएनएम, आपदा मित्र, आशा कार्यकत्री, ग्राम सचिव, आस-पास के दो-तीन गांव के एक-एक प्रमुख लोगों समेत आठ सदस्यीय टीम होगी। टीम के कमांडर संबंधित तहसील के एसडीएम होंगे। इतना ही नहीं सिंचाई विभाग और बाढ़ खंड बाढ़ की आशंका वाले अन्य गांवों को भी चिह्नित कर रही है। संबंधित गांवों की भी तीन तीन के भीतर रिपोर्ट तैयार कर उस पर कार्ययोजना बन जाएगी।
बंधित विभागों की तय की गई जिम्मेदारी, तीन दिन में पेश करेंगे कार्ययोजना
बाढ़ से पूर्व तैयारियों को लेकर कलक्ट्रेट सभागार में डीएम अनुज सिंह ने समीक्षा बैठक की। उन्होंने समस्त विभागों के अधिकारियों से बाढ़ से पूर्व उनके द्वारा बाढ़ से बचाव को लेकर की गई तैयारियों की जानकारी ली। डीएम ने सभी तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार को स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिये। कहा कि हर हाल में यह सुनिश्चित कर लें कि तहसील मुख्यालय से राहत शिविर, बाढ़ चौकी कितनी दूरी पर बनाये जाने है और वहां किन-किन अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी।
तैयारियों को लेकर डीएम ने कलक्ट्रेट सभागार में की बैठक, दिए दिशा-निर्देश
राहत शिविर में पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। बच्चों, गर्भवती महिलाओं व बुजुर्गों के चिकित्सीय उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित किया जाए। बाढ़ खंड, सिंचाई एवं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंताओं को बैठक में निर्देशित किया कि वह गत वर्ष बाढ़ प्रभावित स्थलों तथा संवेदनशील स्थलों का चिन्हांकन कर रिजर्व स्टाक के रूप में बल्ली, बांस, बालू, बोरियां,आदि प्रर्याप्त मात्रा में भण्डारण सुनिश्चित कर लें। सभी एसडीएम व तहसीलदार ग्राम पंचायत स्तर पर आपदा प्रबंधन कमेटियों के साथ बैठक कर लें।
बिजली विभाग यह सुनिश्चित कर ले कि हाइटेंशन लाइन के तार ढीले न रहें। वह समुचित ऊंचाई पर बंधे हो। सभी खंड विकास अधिकारी तहसील अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर निचले स्तर के गांव जहां आबादी प्रभावित होती है, वहां हैंडपंपों को ऊंचा किया जाए।
गोताखोरों की होगी ट्रेनिंग
डीएम ने कहा कि गोताखोरों की सूची बनायी जाये और उनकी ट्रेनिंग की व्यवस्था भी की जाये। पुलिस विभाग के संबंधित अधिकारी को एक नोडल अधिकारी बनाकर एसडीआरएफ के साथ समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। पुलिस कंट्रोल रूम एवं जिला आपातकालीन केंद्र के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान एवं समन्वय बनाये रखने की बात कही। पीडब्ल्यूडी को खराब सड़कों की मरम्मत करवाने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व ममता मालवीय, एसडीएम सदर राममोहन मीणा समेत तमाम विभागों के अफसर मौजूद रहे।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।