यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'लड़की मुझे दे दो वरना...' तीन दिन से फोन कर दे रहा था धमकी; बात नहीं मानने पर कर दिया बड़ा क्राइम
मूंढापांडे क्षेत्र के गांव में महिला के अपहरण की कोशिश और तीन स्वजन को गोली मारने का मुख्य आरोपित तीन ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद/ संभल। महिला के अपहरण की कोशिश और विरोध करने पर उसके तीन स्वजन को गोली मारने का मुख्य आरोपित मुस्लिम तीन दिन से परिवार को धमका रहा था। उसने महिला के पिता फर्मकर्मी के मोबाइल पर तीन दिन में पांच आडियो मैसेज भेजकर कहा था कि लड़की मुझे दे दो वरना सबकी जान जाएगी, मुझसे जल्दी मिल भी लो। फर्मकर्मी का कहना है कि उसकी बात नहीं मानने पर उसने घर पर धावा बोल दिया।
इधर, पुलिस घटना के तीन दिन बाद भी चारों नामजद आरोपितों में किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। मूंढापांडे क्षेत्र के गांव में बुधवार की रात गांव के ही मुस्लिम ने अपने पिता और दो चाचा के साथ फर्मकर्मी के घर पर धावा बोल दिया था। चारों ने फर्मकर्मी की विवाहित बेटी के अपहरण करने की कोशिश की। स्वजन ने इसका विरोध किया है, तो उन्होंने फर्मकर्मी, उनकी पत्नी और बेटे को गोली मार दी।
बेटे के सीने से गोली आरपार हो गई है। बेटे का दिल्ली और फर्मकर्मी का मेरठ में उपचार किया जा रहा है। मुस्लिम इससे पहले दो बार महिला को बहलाकर ले गया था। उसके स्वजन को भी वह अक्सर परेशान करता था। सितंबर, 2023 में उसकी मां और पिता को मूंढापांडे में ही रोककर बंधक बना लिया। दोनों की काफी पिटाई की। पुलिस ने आरोपित की सिर्फ शांतिभंग में गिरफ्तारी की।
फर्मकर्मी ने फोन पर बताया कि मुस्लिम की दबंगई के कारण उनका रहना मुश्किल था। वह अक्सर धमकाने आ जाता था। ग्रामीण भी उनकी मदद करने को आगे नहीं आते थे। बुधवार की घटना से तीन दिन पहले से वह आडियो संदेश भेजकर धमकी दे रहा था। उसने जो कहा वही कर भी दिया। उन्होने बताया कि मुस्लिम सबसे पहले बेटी को भोजपुर में मेरी बहन की बेटी की शादी से अपने साथ ले गया था। उसके दबंग रिश्तेदार ने फैसला करा दिया।
मूंढापांडे क्षेत्र के भी लोग समझौते में शामिल हुए थे। इसके बाद बेटी की शादी बहजोई में कर दी। वहां से भी उसे ले गया। पुलिस ने दो दिन गुहार लगाने के बाद प्राथमिकी दर्ज की। सितंबर, 2023 को वह पत्नी के साथ डाक्टर से दवा लेकर आ रहे थे। मुस्लिम ने दोनों को बंधक बनाकर पीटा। पुलिस ने इस मामले में भी कार्रवाई नहीं है। इस वजह से उसका हौसला बढ़ता गया।
राजस्थान जाने के लिए भी बहजोई पुलिस ने लिया था खर्चा
बहजोई दबिश देने के नाम पर भी पुलिस खर्चा लेती है। लग्जरी वाहन के बिना पुलिस को कहीं दबिश के लिए राजी करना मुश्किल था। महिला के पिता फर्मकर्मी का कहना है कि मेरे दामाद का बहजोई में डीजे का काम है।मुस्लिम अपने साथियों के साथ चार पहिया वाहन लेकर बहजोई पहुंचा। डीजे किराए पर लेने के बहाने दरवाजा खुलवाया। इसके बाद बेटी को ससुराल से उठा ले गया।
मुकदमा लिखे जाने पर विवेचक ने उससे 25 हजार रुपये लिए। इसके बाद दामाद से भी खर्चे के नाम पर रुपये लिए गए। इतना ही नहीं पुलिस ने राजस्थान जाने के लिए कार भी दामाद से ही किराए की कराई थी।वहां से लौटने के बाद बेटी के कोर्ट में बयान कराए। इसके बाद उसे हमारी सुपुर्दगी में दे दिया था।
आरोपित के ख्रिलाफ बहजोई में अपहरण और मतांतरण कराने के लिए दबाव बनाए जाने का आरोप में प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस आरोपितों के ख्रिलाफ कार्रवाई करने में दिलचस्पी लेती तो घर में घुसकर गोली मारने की नौबत ही नहीं आती। उन्होंने बताया कि हमारे यहां के कुछ लोग भी आरोपितों के मिले हुए हैं। आरोपित के पास यह कैसे जानकारी पहुंची कि सभी लोग बाहर सो रहे हैं।
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