बाप ने किया था दुष्कर्म… नाबालिग गर्भवती बेटी ने ट्रेन में दिया बच्चे को जन्म, नवजात को बैग में रख भागे घरवाले, ऐसे खुला राज!
बिहार के छपरा जिले में एक नाबालिग लड़की ने ट्रेन में बच्चे को जन्म दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि लड़की के पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया था जिसके कारण वह गर्भवती हुई। बच्चे को जन्म देने के बाद परिवार ने नवजात को एक बैग में रखकर ट्रेन में छोड़ दिया। बाद में बैग में मिले सिम कार्ड से पूरे मामले का खुलासा हुआ।

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। समर स्पेशल ट्रेन में नवजात (लड़का) को जन्म देने वाली नाबालिग को जीआरपी ने तलाशा तो हैरान करने वाली कहानी सामने आई। वह खुद पीड़ित निकली। पता चला कि उसका ही बाप डेढ़ साल तक बेटी के साथ संबंध बनाता रहा जिससे गर्भ ठहर गया।
नौ माह होने पर डिलीवरी के अंदेशे पर परिजन उसे ट्रेन से लेकर दिल्ली के लिए निकले थे, लेकिन ट्रेन के बनारस पहुंचने से पहले ही गर्भवती बेटी ने बच्चे को शौचालय में जन्म दे दिया।
फंसने के डर के चलते परिजनों ने बच्चे को बैग में रखा और ट्रेन से उतर आए। फिर स्टेशन पर खड़ी समर स्पेशल ट्रेन (04503) के जनरल कोच में बैग रख दिया और लड़की को लेकर वापस छपरा लौट गए।
ट्रेन बरेली पहुंचने पर बच्चे के रोने की आवाज आई तो वेंडर की नजर पड़ी, तब जैसे-तैसे मासूम को मुरादाबाद स्टेशन पर उतारा गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया। बैग में मिले सिम से पूरी कहानी का पटाक्षेप हुआ।
22 जून को पटना से चंडीगढ़ जा रही समर स्पेशल ट्रेन (04503) के जनरल कोच में बैग में नवजात रखा मिला था, उसकी नाल भी नहीं कटी हुई थी। बरामद सिम से पुलिस को बिहार के छपरा जिले की रहने वाली लड़की के बारे में जानकारी हुई।
जीआरपी की टीम के एसआई हेमराज सिंह व मनोज ने बिहार में डेरा डाल दिया। छपरा जाकर लड़की के गांव पहुंचकर पूछताछ की। तब कहानी सामने आई। पता चला कि शराबी पिता डेढ़ साल से बेटी से संबंध बना रहा था। बेटी को गर्भ ठहरने पर लोकलाज के डर से छिपाकर रखा गया।
जीआरपी के अनुसार, लड़की ने बयान में कहा है कि उसे ट्रेन से दिल्ली ले जाया जा रहा था। वह नौ महीने की गर्भवती थी। वाराणसी के पास दर्द उठना शुरू हुआ तो साथ में चल रहे परिजन उसे शौचालय ले गए। शौचालय में ही नवजात को जन्म दिया।
नवजात को बैग में रख घरवाले वाराणसी स्टेशन पर उतर गए। वहां स्टेशन पर खड़ी समर स्पेशल ट्रेन के जनरल कोच में बैग में रख नवजात को छोड़ वाराणसी से ही वापस लौट गए।
इधर, किसी को कोई बैग के बारे में कोई भनक नहीं लगी। बरेली में वेंडर ने रोने की आवाज सुनी। बैग खोलकर देखा तो उसमें नवजात था। शोर मचाने पर जनरल कोच में यात्रियों की भीड़ जुट गई।
ट्रेन में चल रहे टीटीई ने नवजात को उठाया और गर्मी की वजह से दम न घुटने पाए, इस लिहाज से एसी-2 कोच में लेकर आगे बढ़े और 139 पर सूचना दी। मुरादाबाद जंक्शन पर समर स्पेशल ट्रेन रुकी, नवजात को उतारा गया। जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पूरी कहानी से पर्दा उठने के बाद जीआरपी लड़की को लेकर मुरादाबाद लेकर आई और चाइल्ड लाइन के समक्ष प्रस्तुत किया। उसने अपने बयान दर्ज कराए। जीआरपी इस घटना की आगे की विवेचना छपरा पुलिस को हस्तांतरित करेगी।
छपरा पुलिस लड़की के बयानों के आधार पर मुकदमे में दुष्कर्म की धारा बढ़ाएगी और पिता को गिरफ्तार कर जेल भेजेगी। इतना ही नहीं ट्रेन में सफर के दौरान नवजात का जीवन संकट में डालने वालों पर भी शिकंजा कस सकता है। घटना के बाद से आरोपित पिता फरार है।
नाबालिग मां ने बेटे को लेने से किया इनकार
प्रकरण में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अमित कौशल ने बताया कि शुक्रवार को बच्चे की नाबालिग मां और नानी आई थीं। बच्चे की मां ने लिखकर दिया है कि वह उसे नहीं पाल सकती। बच्चे की नानी ने भी इस पर सहमति जताई है।
ऐसे में बच्चे का इलाज पूरा होने के बाद उसे साह संस्था काे सौंप दिया जाएगा। इस बीच दो महीने तक उसकी मां चाहे तो बच्चे को वापस भी ले सकती है। दो महीने का समय पूरा होने के बाद ही बच्चे के गोद लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।
काउंसलिंग के दौरान नवजात की मां ने बताया कि पिता ने ही उसके साथ शराब के नशे में दुष्कर्म किया है। इस संबंध में जीआरपी के विवेचक को निर्देश दिए गए हैं कि छपरा पुलिस से बात कर मामले में दुष्कर्म की प्राथमिकी लिखकर कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।
बिहार के छपरा के रहने वाली लड़की को मुरादाबाद लाकर महिला मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए गए हैं। लड़की ने शराबी पिता द्वारा दुष्कर्म की बात मजिस्ट्रेट के सामने बताई है। लड़की के साथ चाची समेत और भी रिश्तेदार आए थे। बयान दर्ज कराने के बाद लड़की परिजनों के साथ वापस लौट गई है। आगे की विवेचना के लिए छपरा पुलिस को केस हस्तांतरित किया जाएगा।
-रविंद्र वशिष्ठ, थाना प्रभारी, जीआरपी
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