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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 07, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वतन से प्यार ही सूफी इस्लामिक बोर्ड का सबक

By Samanvay PandeyEdited By:
Published: Mon, 07 Dec 2020 05:39 PM (IST)

हजरत मुहम्मद साहब के पैगाम हुब्बुल वतनी यानी अपने वतन से प्यार का संदेश दिया है। मांग की गई कि ...और पढ़ें

शायर कशिश वारसी को इस्लामिक बोर्ड का राष्ट्रीय सचिव मनोनीत किया है।
शायर कशिश वारसी को इस्लामिक बोर्ड का राष्ट्रीय सचिव मनोनीत किया है।

मुरादाबाद, जेएनएन। सूफी इस्लामिक बोर्ड के राष्ट्रीय सचिव मुफ्ती मीर सैयद वसीम अशरफ ने कहा कि हजरत मुहम्मद साहब के पैगाम हुब्बुल वतनी यानी अपने वतन से प्यार का संदेश दिया है। मांग की गई कि यजीद आतंकवादी के नक्शे कदम पर चलने वाली तंजीमों पर सरकार को पूरी तरह रोक लगा दी जाए। ये बातें उन्होंने दौलतबाग स्थित एक शादी हाल में कार्यक्रम के दौरान कहीं। 

उन्होंने बताया कि बोर्ड महासचिव शाह सैयद हसनैन बकाई की संस्तुति पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मनसूर महबूब खान ने शायर कशिश वारसी को इस्लामिक बोर्ड का राष्ट्रीय सचिव मनोनीत किया है। इसके बाद उन्होंने बोर्ड के एजेंडे के बारे में बताया। हुसैनी मिशन पर अमल करने वाला आध्यात्मिक खानकाही गैर राजनीतिक संगठन है। अल्लाह से डरो और सच्चाई का साथ देने वालों के साथ हो जाओ। देश प्रेम सबसे पहले है। दहशतगर्दी को बढ़ावा देने वाले संगठनों पर देश में रोक लगाई जाए। अजमेर शरीफ दरगाह सज्जादानशीन ख्वाजा सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती को धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। इसमें पहलवान साहब दरगाह के सज्जादानशीन हाफिज इफ्तेखार हुसैन साबरी, सूफी अयूब, सूफी माजिद रहे। 

इनका हुआ मनोनयन 

सज्जादानशीन सैयद शिबली मियां को प्रांतीय उपाध्यक्ष, जिला कार्यकारिणी में आफताब वारसी अध्यक्ष, मौलाना अयूब अशरफी वरिष्ठ उपाध्यक्ष, मुहम्मद इरफान लतीफी उपाध्यक्ष, उबैद वारसी महासचिव, शायर नसीम वारसी संगठन मंत्री, जुल्फीकार अली बिट्टू प्रवक्ता, नगमी इश्तियाक सिद्दीकी विधि सलाहकार, अदनान वारसी कोषाध्यक्ष, फाकिर हुसैन, जमील खान को सदस्य मनोनीत किया गया।