मुरादाबाद [प्रदीप चौरसिया]। रेलवे बी मार्ग पर भी हाई स्पीड ट्रेन चलाने के लिए रेलवे लाइन और स्लीपर बदलने का काम करा रहा है। उत्तर रेलवे ने चार मंडल म‍िलाकर कुल 298 किलोमीटर तक रेलवे लाइन बदल दी है। वहीं दूसरी ओर नौ माह में मुरादाबाद रेल मंडल ने 355 किलोमीटर तक रेलवे लाइन बदलने का काम क‍िया है। इसके कारण ट्रेनों की औसत गति 31 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 68 किलोमीटर प्रति घंटा हो गई है। 

मंडल के मुख्य रेल मार्ग के 88 फीसद स्थानों पर अभी भी 160 किलोमीटर प्रति घंटेे की रफ्तार से ट्रेनें चलाई जा रहीं हैं। रेलवे ने दिल्ली कानपुर हावड़ा रेल मार्ग को ए श्रेणी का रेल मार्ग घोषित कर दिया है। इस मार्ग पर 130 से 160 किलोमीटर प्रति घंटेे की रफ्तार से ट्रेनों को चलाया जा सकता है। रेलवे जम्मूतवी, अमृतसर, मुरादाबाद, लखनऊ होकर हावड़ा रेल मार्ग को बी श्रेणी में रखा है। इस मार्ग पर पुराने व जर्जर रेललाइन व स्पीलर को बदला जाना है। उत्तर रेलवे के जम्मूतवी से वाराणसी तक पांच रेलवे मंडल आते हैं। एक अप्रैल से 31 मार्च तक 881.66 किलोमीटर रेललाइन और 378.03 किलोमीटर स्लीपर बदलने का लक्ष्य है। इसमें मुरादाबाद रेल मंडल को 380 किलोमीटर रेलवे लाइन व 215 किलोमीटर स्लीपर बदलने का लक्ष्य म‍िला है। लॉकडाउन होने के कारण अप्रैल व मई में रेलवे लाइन बदलने का काम नहीं हो पाया। नौ माह में मुरादाबाद को छोड़कर उत्तर रेलवे के चार रेल मंडल ने 298 किलोमीटर रेलवे लाइन व 105 किलोमीटर स्लीपर बदला है। मुरादाबाद रेल मंडल की टीम ने 335 किलोमीटर रेललाइन और 160 किलोमीटर स्लीपर बदलने का काम किया है। मुरादाबाद रेल मंडल के सहारनपुर से लखनऊ के बीच 45 किलोमीटर रेलवे लाइन बदलने का काम रह गया है। इसे अगस्त में पूरा कर लिया जाएगा। रेलवे लाइन बदले जाने के बाद सहारनपुर से लखनऊ के 88 फीसद रेल मार्ग पर 160 किलोमीटर प्रति घंटेे की गति से ट्रेनों को चलाने के ल‍िए लाइन ब‍िछाई जा चुकी है। हालांकि इस मार्ग पर 110 किलोमीटर के स्थान पर 130 किलो मीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाने की योजना है। रेलवे लाइन बदलने जाने के बाद ट्रेनों की औसत गति 31 से बढ़कर 67 किलोमीटर प्रतिघंटा हो गई है। इसके कारण लखनऊ से मुरादाबाद कई ट्रेनें पांच घंटे के बजाय चार घंटे से कम समय में पहुंच रहीं हैं। 

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