तनाव दूर भगाना है तो नियमित करें ये आसन, फायदे जान रह जाएंगे दंग
Ways to relieve stress खुद को तनाव मुक्त रखने के लिए थोड़ा वक्त निकालना होगा। आपको भ्रामरी प्राणायाम करना है। भ्रामरी प्राणायाम दो बार दोहराएं। इसे आप अपनी दिनचर्या में शामिल करेंगे तो आपका मानसिक तनाव कम होगा।

मुरादाबाद, जेएनएन। नौकरी और काम की भागदौड़ में मानसिक तनाव आम बात हो गई है। इसलिए खुद को तनाव मुक्त रखने के लिए थोड़ा वक्त निकालना होगा। आपको भ्रामरी प्राणायाम करना है। यह आसन तनाव दूर होने के साथ ही चिंता, क्रोध अतिसक्रियता को कम करता है। भौंरे जैसी आवाज का प्रतिध्वनिक प्रभाव दिमाग और तंत्रिका तंत्र पर असर करता है।
शांतिकारक अभ्यास से तनाव जैसे विकारों को दूर किया जा सकता है। ये एकाग्रता और ध्यान की आरंभिक अवस्था में उपयोगी है। नाक-कान में किसी तरह का संक्रमण है तो इस आसन को नहीं करना है। योग प्रशिक्षक अमित गर्ग ने बताया कि अपने कानों के छिद्रों को अंगूठों से बंद कर लें। तर्जनी अंगुली से आंखों को बंद करें और नासकारंध्रों को मध्यमा अंगुली से बंद करें। इसे षणमुखी मुद्रा कहते हैं। धीरे-धीरे नियंत्रित रूप से सांस को बाहर छोड़ते समय भौंरे जैसी आवाज निकालें। इस तरह भ्रामरी प्राणायाम का एक चक्र पूरा होता है। इसे दो बार दोहराएं। इसे आप अपनी दिनचर्या में शामिल करेंगे तो आपका मानसिक तनाव कम होगा। चिंता भी कम होगी और गुस्सा भी नहीं आएगा। इस आसन को करने से आप ध्यान भी करने लगेंगे। आपकी एकाग्रता भी बढ़ेगी। इसे करने के लिए आप नियमित सवेरे उठें। दवा खाने से बेहतर है कि आप नियमित भ्रामरी प्राणायाम की आदत डालें। इसके साथ अपने खानपान का भी विशेष ध्यान रखें। तेज मिर्च मसाले वाले खानपान से परहेज करें।
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