यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 26, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बच्चों को बाइक पर लेकर चलते हैं तो जान लीजिए ये जरूरी नियम, अब केवल इतनी स्पीड से ही चला सकेंगे वाहन
Rule of Taking Children on Bike पीछे बच्चे के बैठे होने पर दो पहिया वाहन अधिकतम 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की ...और पढ़ें

मुरादाबाद [प्रदीप चौरसिया]। Rule of Taking Children on Bike : सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने दो पहिया वाहनों के पीछे मां को नौ माह से लेकर चार साल तक के बच्चे को बैठकर चलने का कानूनी मान्यता दे दी है। बच्चों को सुरक्षा कवच के साथ हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। नियम का पालन न करने पर मां को एक हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा।
केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 में दो पहिया वाहन चलाने व पीछे बैठने वालों के लिए नियम दर्ज है। इसमें दो पहिया वाहन पर 10 साल से कम उम्र के बच्चों को पीछे नहीं बैठाया जा सकता है। पीछे बैठने वाले सभी व्यक्ति को हेलमेट पहनना अनिवार्य है। महिलाओं ने भी नौकरी करने के साथ दो पहिया वाहनों को चलाना शुरू कर दिया है। वर्तमान में महिलाएं इस नियम का उल्लंघन कर दो पहिया वाहन के आगे दो साल से अधिक उम्र के बच्चे को खड़ा कर या बैठकर चलती हैं। नियम के उल्लंघन करने से दुर्घटनाएं बढ़ती हैं। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने महिलाओं की सुविधा के लिए दो पहिया वाहन के पीछे नौ से लेकर चार साल के बच्चे को बैठाकर चलने के नियम में संशोधन करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया था। इस प्रस्ताव के आधार पर भारत का राजपत्र 26 अक्टूबर को जारी किया है, यह परिवहन अधिकारियों को 10 नवंबर को मिल चुका है। इसमें केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 को संशोधित किया गया। इसमें नौ माह से चार साल तक के बच्चों को दो पहिया वाहन के पीछे बैठाकर वाहन चलाने का नियम बनाया गया है। इसके लिए वाहन चालक को बच्चों के लिए सुरक्षा कवच बनाना होगा, जो वाहन चालक की पीठ में बेल्ट से बंधा होगा। इसमें आसानी से बच्चे बैठ सकेंगे। बच्चों को हेलमेट पहनना होगा, जो काफी हल्का होगा। हेलमेट बनाने वाली कंपनी इस तरह का हेलमेट तैयार करेगी। पीछे बच्चे के बैठे होने पर दो पहिया वाहन अधिकतम 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाई जा सकती है। दो पहिया वाहन के आगे बच्चों को बैठाने और खड़े करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस नियम का उल्लंघन करने वाले वाहन चालक से एक हजार रुपये जुर्माना लिया जाएगा। बार-बार इस नियम का उल्लंघन करने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने का प्रावधान है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) छवि सिंह ने बताया कि इस संबंध में राजपत्र जारी हो चुका है, प्रदेश सरकार के स्वीकार करते ही प्रदेश में यह नियम लागू हो जाएगा।
