नोएडा में 30 मार्च से लगेगा हस्तशिल्प मेला, दो साल बाद लग रहे स्प्रिंग फेयर से बढ़ेगी पीतलनगरी की चमक
Handicrafts Fair/ Spring Fair दो साल के बाद नोएडा में तीस मार्च से हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) की ओर से स्प्रिंग फेयर लगने जा रहा है। फेयर को लेकर निर्यातकों में जबरदस्त उत्साह है। इसके लिए तैयारी जोरों पर चल रही हैं।

मुरादाबाद, जेएनएन। Handicrafts Fair/ Spring Fair : दो साल के बाद नोएडा में तीस मार्च से हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) की ओर से स्प्रिंग फेयर लगने जा रहा है। फेयर को लेकर निर्यातकों में जबरदस्त उत्साह है। इसके लिए तैयारी जोरों पर चल रही हैं। खास बात यह है कि फेयर में बड़ी संख्या में खरीदारों के पहुंचने की उम्मीद के चलते इस बार कारोबार में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। फेयर के लिए सभी स्टाल का आवंटन हो चुका है। हालांकि, अभी बहुत से निर्यातक स्टाल लगाने के लिए स्थान की मांग कर रहे हैं।
ईपीसीएच का नोएडा एक्सपो मार्ट में लगने वाला स्प्रिंग फेयर हर साल फरवरी में लगता आया है। वर्ष 2020 में इसके आयोजन को फरवरी के बजाय अप्रैल में कर दिया गया था। 2020 में कोरोना संक्रमण के कारण दुनिया भर लगे लाकडाउन के कारण यह फेयर नहीं हो पाया था। वर्ष 2021 में भी दूसरी लहर की स्थिति के कारण इसका आयोजन नहीं हुआ। इस बार तीसरी लहर के कारण फेयर के आयोजन को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन रही थी। लेकिन अब जिस प्रकार से दुनिया भर में तीसरी लहर का प्रभाव भी लगभग खत्म हो चुका है और दुनिया भर में हालात सामान्य हो रहे हैं।
क्रिसमस और न्यू ईयर भी गुजर गया, जमकर हुई खरीदारी के कारण दुनिया भर के स्टोर अब खाली हो चुके हैं। वहीं, फ्रेंकफर्ट फेयर भी रद हो गया। अब ऐसे में नोएडा में लगने जा रहे स्प्रिंग फेयर से दुनिया भर की उम्मीद लगी हैं। फेयर के लिए खरीदारों की ओर से कराए जा रहे रजिस्ट्रेशन ने उत्साह और बढ़ा दिया है। निर्यातकों का मानना है कि इस बार जमकर आर्डर बरसेंगे। क्योंकि लंबे समय के बाद वेयर हाउस खाली होने की स्थिति बनी है।
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद के महानिदेशक डा. राकेश कुमार का कहना है कि फेयर को लेकर पहले से ही माहौल बन रहा था। लेकिन कोरोना की तीसरी लहर का दुनिया भर में प्रभाव खत्म होने के कारण लगभग सभी देशों से खरीदारों ने रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। इस बार फेयर में रिकार्ड तोड़ संख्या में खरीदारों के पहुंचने की उम्मीद है। इसका लाभ हस्तशिल्प क्षेत्र से जुड़े निर्यातक, कारीगरों के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।
ईपीसीएच की प्रशासनिक कमेटी के सदस्य अवधेश अग्रवाल ने बताया कि फेयर को लेकर जो उत्साह बन रहा है, उसे देखकर जिन निर्यातकों और प्रदर्शकों ने स्टाल बुक नहीं कराए थे, वह अब पछता रहे हैं। जिन्होंने कम जगह बुक कराई थी, वह अधिक जगह के लिए परेशान हैं। क्योंकि, इस समय पूरी दुनिया से रिकार्ड तोड़ संख्या में खरीदार फेयर में पहुंचेंगे। चीन की हालत खराब होने के कारण मुरादाबाद के निर्यातकों को बड़े आर्डर मिलेंगे।
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