मुरादाबाद, जेएनएन। Moradabad Thakurdwara PRV Muzaffarnagar Fake police personnel Inquiry : फर्जीवाड़ा पकड़ने वाली पुलिस का सिपाही ही फर्जी निकला तो अफसरों के होश उड़ गए। पांच साल तक दूसरे के स्थान में ड्यूटी कर रहा था, लेकिन अनुशासन का हर क्षण पालन कराने वाले अफसर ही अपने मातहत को पहचानने में भूल कर गए। मुजफ्फरनगर निवासी अनिल कुमार अपने साले को ड्यूटी करने के लिए अपने वेतन में से आठ हजार रुपये महीने देता था। जबकि, साल 2011 बैच के सिपाही को मौजूदा समय में लगभग 35 हजार रुपये का वेतन मिलता है। पुलिस की वर्दी पहनने के बाद सुनील की मुरादाबाद जनपद में सबसे पहले बिलारी थाना क्षेत्र में तैनाती हुई थी। इसके बाद वह ठाकुरद्वारा में थाना क्षेत्र की पीआरवी 0281 नंबर पर तैनात था। उसके साथ रहने वाले पुलिस कर्मियों के साथ पूछताछ की जा रही है।

दिया था प्रशिक्षण : आरोपित सिपाही अनिल कुमार ने साले सुनील को खाकी वर्दी पहनाने से पहले पूरा प्रशिक्षण दिया था। 23 नवंबर 2016 को बरेली से आरोपित सिपाही का स्थानांतरण मुरादाबाद किया गया था। इसके बाद उसने मुरादाबाद में ज्वाइनिंग करने के लिए साले सुनील को ट्रांसफर लेटर के साथ भेज दिया था। मुरादाबाद में ज्वाइनिंग से पहले उसे पुलिस के तौर-तरीके सिखाने के साथ सेल्यूट करने और सलामी देने का भी प्रशिक्षण भी जीजा ने दिया था। इसके साथ ही उसने यह भी चेतावनी दी, अफसरों और थाने से हमेशा दूरी बनाकर रखना।

इंटरनेट मीडिया में फोटो डालते ही अफसरों को मिली शिकायत : पीआरवी में ड्यूटी करने वाले सुनील को इंटरनेट मीडिया से दूर रहने की सलाह दी गई थी। इसके साथ ही वह प्रतिदिन बहनोई अनिल को अपने काम के बारे में जानकारी देता था। लेकिन, कुछ ही द‍िन पूर्व सुनील ने अपने वाट्सएप प्रोफाइल में एक फोटो अपडेट किया था। इस फोटो में उसने वर्दी पहनने के साथ ही फिल्मी स्टाइल में हाथ में पिस्टल लेकर फोटो खिंचवाई थी। इस फोटो के जैसे ही उसने प्रोफाइल में लगाया, उसके कुछ दिनों बाद ही उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र मिल गया।

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Edited By: Narendra Kumar