यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP Police : पुलिस विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा, मुरादाबाद में पांच साल से जीजा की जगह साला कर रहा था नौकरी
Moradabad Thakurdwara PRV Muzaffarnagar Fake police personnel मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में पांच साल तक पीआरवी वाहन पर फर्जी पुलिस कर्मी ...और पढ़ें

मुरादाबाद, जेएनएन। Moradabad Thakurdwara PRV Muzaffarnagar Fake police personnel : पुलिस विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पांच साल से जीजा की जगह नौकरी करते हुए साले को पकड़ लिया गया। आरोपित से पूछताछ जारी है। मामले में कई और चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आ सकते हैं। फिलहाल एक आरोपित को हिरासत में ले लिया गया है। इस मामले के सामने आने के बाद आला अधिकारी भी हैरान हैं।
कोतवाली ठाकुरद्वारा में पीआरवी के वाहन संख्या 0281 पर तैनात कांस्टेबल अनिल कुमार की जगह सुनील उर्फ सनी ड्यूटी कर रहा था। वह लगभग पांच साल से 112 पीआरवी पर ड्यूटी कर रहा था। इस फर्जीवाड़े की शिकायत की गई थी, इसके आधार पर मामले की जांच शुरू कराई गई तो पुलिस विभाग की बहुत बड़ी चूक पकड़ी गई। आरोपित फर्जी सिपाही सुनील उर्फ सनी है। मामले में उसके जीजा अनिल कुमार को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जबकि इसकी जानकारी होने पर साला फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस उस पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई कर रही है। एएसपी अनिल कुमार यादव ने बताया पूरे मामले की जांच की जा रही है। एक शिकायत के आधार पर इस पूरे मामले को पकड़ा गया है।
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मुज़फ्फरनगर का बताया जा रहा आरोपित : अभी तक की जांच में आरोपित के मुज़फ्फरनगर निवासी होने की जानकारी सामने आई है। वहीं दूसरी ओर उसके जीजा के शिक्षा विभाग में तैनात होने की जानकारी मिली है। हालांकि अभी पुलिस अधिकारियों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। माना जा रहा है कि आरोपित से पूरी पूछताछ के बाद पुलिस इस बारे में विस्तार से जानकारी देगी। अनिल कुमार को गांव बहोड़, खतौली जिला मुज़फ्फरनगर का निवासी बताया जा रहा है। वहीं सुनील कुमार भी मुज़फ्फरनगर के ही गांव गंघाडी, खतौली का निवासी है।
पुलिस विभाग की छोड़ दी नौकरी : माना जा रहा है कि कांस्टेबल अनिल कुमार ने पांच साल पहले शिक्षा विभाग में नौकरी मिलने पर पुलिस की नौकरी बिना बताए ही छोड़ दी। इसके बाद चुपचाप दूसरे विभाग में ज्वाइन कर लिया। हालांकि मामले में बहुत सारे चौंकाने वाले सच सामने आने बाकी हैं। फिलहाल मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
