UP Politics: 'संभल हिंसा को मुद्दा बनाकर भाजपा कर रही है साम्प्रदायिक राजनीति', पूर्व सांसद एसटी हसन बीजेपी पर बरसे
पूर्व सांसद एसटी हसन ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह विकास के नाम पर नहीं बल्कि हिंदू-मुस्लिम के बीच नफरत फैलाकर सत्ता में बने रहना चाहती है। उन्होंने संभल हिंसा को साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश बताया। डा. हसन ने कहा कि भाजपा मुस्लिमों को निशाना बनाती है और आजम खान के मुद्दे पर अखिलेश यादव पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं।

जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। पूर्व सांसद डॉक्टर एसटी हसन ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा का असली एजेंडा विकास नहीं, बल्कि हिंदू-मुस्लिम के बीच नफरत पैदा करके सत्ता में बने रहना है। भाजपा के विकास के दावे केवल प्रचार तक सीमित हैं। जनता जब असली सवाल पूछती है तो भाजपा के पास जवाब नहीं होता। इसलिए संभल हिंसा जैसे मामलों को तूल देकर वह फिर से साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।
दो आबादी के बीच नफरत फैलाने का काम
मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद ने डॉक्टर एसटी हसन ने कहा कि दो बड़ी आबादी के बीच नफरत फैलाकर ही देश को कमजोर किया जा सकता है। ऐसे भी हो सकता है कि इस तरह का काम करने वाले देश के दुश्मनों से मिले हों। यह भी सच है कि ऐसे लोग कभी देश का भला नहीं चाहते हैं। पलायन के नाम पर लोगों के बीच खाई बनाने की कोशिश की जा रही है। तमाम ऐसे गांव में गिना सकता हूं, जहां से मुस्लिम पलायन कर गए। इनमें कुछ लोग अपने कारोबार के सिलसिले में गए हैं। कुछ डर के कारण भी गए होंगे।
संभल में जानबूझकर खड़ा किया विवाद
डॉक्टर हसन ने कहा, कि संभल में गोली चली, किसकी भूमिका क्या रही यह किसी से छिपा नहीं है। वहां के लोग आपसी भाईचारे के साथ रहना चाहते हैं, लेकिन जानबूझकर जामा मस्जिद को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि भाजपा सत्ता में बने रहने के लिए हमेशा मुस्लिमों को निशाना बनाती रही है।
आजम को लेकर कही ये बात
आजम खान को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव द्वारा मदद न किए जाने की बात यह महज विरोधियों का प्रोपगंडा है। अगर आजम खान से कसम खिलाकर पूछा जाए तो खुद स्वीकार करेंगे कि अखिलेश यादव ने हर मौके पर उनकी मदद की है। उन्होंने इतनी मदद की है कि कोई सोच भी नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने हमेशा मुसलमानों की हिमायत की है। वह हर वर्ग के लोगों को साथ लेकर चलने वाले नेता हैं।
जयचंद के बयान पर कही ये बात
खुद को जयचंद कहे जाने पर डॉक्टर हसन ने इसे विरोधियों की राजनीतिक ईर्ष्या बताया। उनका कहना है कि कुछ लोग यह नहीं पचा पा रहे हैं कि वह अखिलेश यादव के कितने करीबी क्यों हैं। उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव उन्हें चुनाव लड़ाने के पक्ष में थे और रामपुर व मेरठ से टिकट देने की पेशकश तक करते रहे। दबाव में उनका टिकट कटवाया गया। जिन लोगों ने टिकट काटने के लिए दबाव बनाया उन्हें लेकर अफसोस हमेशा रहेगा।
पूर्व सांसद ने कहा कि मुलायम सिंह यादव उनके लिए पिता समान थे और अखिलेश यादव भाई की तरह हैं। उन्होंने कभी मुसलमानों को अकेला महसूस नहीं होने दिया। पीडीए भी इसी सोच का परिणाम है। डा. हसन ने कहा कि भाजपा का झूठा प्रचार ज्यादा दिन नहीं चल सकता, जनता सच्चाई जानती है और 2027 के चुनाव में इसका जवाब जरूर देगी।
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