यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आजम खां की रिहाई के लिए पूर्व सभासद ने राष्ट्रपति को खून से लिखा पत्र, कहा-इंसाफ दीजिए या मौत
पूर्व सभासद ने लिखा है कि सरकारें लोकतंत्र पर हावी हैं। सांसद आजम खां का जेल में अधिक दिन रहना ...और पढ़ें

मुरादाबाद, जागरण संवाददाता। रामपुर नगर पालिका परिषद की पूर्व नामित सभासद नेहा राज ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। उन्होंने सांसद आजम खां पर की गई कार्रवाई को गलत बताते हुए उनकी रिहाई की मांग की। कहा कि सांसद के साथ ज्यादती को सहन नहीं कर सकती हैं।
पत्र में पूर्व सभासद ने कहा है कि 25 मई 2021 को खून से लिखा पत्र भेजा था, जिसमें सांसद आजम खां के लिए इंसाफ की गुहार लगाई थी। सांसद बेगुनाह होते हुए भी फर्जी मुकदमो में पिछले दो साल से जेल में उत्तर प्रदेश सरकार की बदले की भावना की मार झेल रहे हैं। नेहा राज ने फिर से लिखे पत्र में कहा है कि वह ऐसे देश में नहीं रहना चाहती, जिसमें लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ हो रहा है। सरकारें लोकतंत्र पर हावी हैं। सांसद आजम खां अपनी उम्र के उस पड़ाव पर है जहां जेल में अधिक दिन रहना उनके जीवन के साथ खिलवाड़ है। राष्ट्रपति से हाथ जोड़ कर विनती की है कि या तो मुझे इंसाफ दें या मुझे इच्छा मृत्यु की इजाजत दें। वह सांसद के साथ इस हद तक ज्यादती होते हुए नहीं देख सकतीं।
आजम खां की रिहाई के लिए कार्यकर्ताओं ने किया अन्न त्याग : जेल में बंद सांसद आजम खां और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम खां की रिहाई के लिए ग्राम खमरिया में अन्न त्याग महायज्ञ चल रहा है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता महिपाल सिंह यादव के घर पर बनी कुटिया में महायज्ञ प्रारंभ किया गया। इसमें उन्होंने तीन दिन तक अन्न त्याग का संकल्प लिया। पूर्व डीसीबी चेयरमैन अमरीश कुमार पटेल और उनके समर्थक इस महायज्ञ में शामिल हुए। सांसद और उनके पुत्र की रिहाई के लिए कार्यकर्ताओं ने यज्ञ में आहुतियां दीं। महिपाल सिंह यादव ने बताया कि बदले की भावना से सांसद आजम खां और उनके पुत्र को जेल में बंद कर दिया गया है। दोनों की रिहाई के लिए उन्होंने तीन दिनों तक अन्न त्यागने और 72 घंटे लगातार महायज्ञ कराने का फैसला लिया है। इस महायज्ञ में उनका पूरा परिवार और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं।
