मुरादाबाद(प्रदीप चौरसिया):देशभर के 13 लाख रेल कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। अब अधिकारी कर्मचारियों के पास पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। रेलवे बोर्ड ने प्रत्येक जोनल मुख्यालय पर अपर महाप्रबंधक (एजीएम) की अध्यक्षता में फास्ट ट्रैक समिति बनाने का आदेश आठ जून को जारी किया है। समिति को कई अधिकार भी दिए गए हैं। एजीएम की अध्यक्षता में जोनल स्तर पर बनेगी समिति

-सुरक्षित ट्रेन संचालन करने वाले कर्मियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों के आफिस के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन समाधान न होने से कर्मचारी तनावग्रस्त हो रहे हैं। रेलवे बोर्ड ने रेल कर्मियों को तनाव मुक्त रखने के लिए जोनल स्तर पर फास्ट ट्रैक समिति बनाने का विशेष आदेश दिया है। रेलवे बोर्ड के अधिशासी निदेशक राजेश गुप्ता ने सभी महाप्रबंधकों को इस बारे में पत्र जारी किया है। देशभर के 13 लाख रेल कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

-समिति में वित्तीय विभाग के विभागाध्यक्ष के अलावा जिस विभाग की समस्या होगी, उस विभाग के विभागाध्यक्ष सदस्य होंगे। फास्ट ट्रैक की बैठक जोनल मुख्यालय की बजाय जिस मंडल की समस्याएं अधिक होंगी, उस मंडल में होगी। बैठक में जितनी भी समस्याएं होंगी, उनका समाधान किया जाएगा। समिति नियम के विरुद्ध व संरक्षा के मामले को छोड़कर रेल कर्मियों को राहत देने का काम करेगी। रेल कर्मचारी, डाक, मेल, शिकायत कक्ष के माध्यम से फास्ट ट्रैक समिति तक समस्या भेज सकते हैं। इस व्यवस्था के बाद देशभर के 13 लाख और मुरादाबाद रेल मंडल के 17 हजार रेल कर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी। मंडल रेल प्रबंधक अजय कुमार सिंघल ने बताया कि रेलवे बोर्ड से फास्ट ट्रैक समिति के गठन करने का आदेश मिल गया है। शीघ्र जोनल स्तर पर समिति स्थापित हो जाएगी।

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