विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमरोहा में सरकारी भूमि कब्ज़ा कर बनाए मदरसे पर चला बुलडोजर, जुमे की नमाज को लेकर भी था विवाद

By Samanvay PandeyEdited By:
Published: Sat, 16 Jul 2022 01:33 PM (IST)

Bulldozers Action on Madrassa उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद में प्रशासन ने शनिवार को एक मदरसे पर बुलडोजर चला दिया। ...और पढ़ें

Bulldozers Action on Madrassa : ग्राम समाज की भूमि में बना था मदरसा, जुमे की नमाज को लेकर था विवाद।
Bulldozers Action on Madrassa : ग्राम समाज की भूमि में बना था मदरसा, जुमे की नमाज को लेकर था विवाद।

जागरण संवाददाता, अमरोहा। Bulldozers Action on Madrassa : उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद में प्रशासन ने शनिवार को एक मदरसे पर बुलडोजर चला दिया। मदरसा जनपद की हसनपुर तहसील के जेबड़ा गांव में स्थित था। मदरसे में जुमे की नमाज को विवाद चला आ रहा था। साथ ही यह ग्राम समाज की जमीन पर बना था। जबकि मदरसे के प्रबंधक का कहना हैै कि यह उनके पुरखों की जमीन पर बना है। उधर, प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद ही मदरसे को ध्वस्त किया गया है।

हसनपुर सर्किल के रहरा थाना क्षेत्र के गांव जेबड़ा मुस्तकम में ग्राम समाज की जमीन पर बने मदरसे पर शनिवार को प्रशासन ने पुलिस फोर्स के साथ पहुंचकर बुलडोजर (बैकहो लोडर) चलाकर ध्वस्त कर दिया है। बताया जा रहा है कि मदरसा पिछले कई वर्ष से संचालित था। लेकिन कुछ माह पहले मदरसे में जुमे की सामूहिक नमाज पढ़ने पर गैर संप्रदाय के लोग विरोध में उतर आए थे। प्रशासन ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर बगैर किसी अनुमति के सामूहिक नमाज न पढ़ने की हिदायत दी थी।

उधर ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि जिस स्थान पर मदरसे का निर्माण किया गया है वह भूमि ग्राम समाज की है। तहसील प्रशासन ने जांच पड़ताल के बाद शनिवार को सर्किल के पुलिस फोर्स के साथ पहुंच कर मदरसे के भवन को ध्वस्त करा दिया है। उधर मदरसे के प्रबंधक इश्तियाक अहमद का कहना है कि मदरसा उनके पुरखों की भूमि पर बना हुआ है। वर्ष 1961 में उनके दादा कादर बक्श के नाम ग्राम समाज से पर्ची काटकर भूमि उन्हें दी गई थी।

उनका कहना है कि मदरसा नियमानुसार रजिस्ट्रेशन करा कर चलाया जा रहा था। एसडीएम सुधीर कुमार ने बताया कि ग्राम समाज की भूमि में मदरसा संचालित था। बगैर अनुमति सामूहिक नमाज पढ़ने को लेकर दूसरे संप्रदाय के लोग विरोध कर रहे थे। जांच पड़ताल के बाद ग्राम समाज की भूमि में चलाए जा रहे मदरसे को ध्वस्त कराया गया है।