अहोई अष्टमी आज: यूपी में पूजा मुहूर्त और तारों के दर्शन का समय, रवि पुष्य नक्षत्र में संतान की लंबी आयु के लिए व्रत
माताएं संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए दिनभर निर्जला व्रत रखकर शाम को अहोई माता की पूजा करेंगी ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
रवि पुष्य नक्षत्र में अहोई अष्टमी, संतान के लिए व्रत।
शाम 4:59 से 6:15 बजे तक अहोई माता पूजा मुहूर्त।
मुरादाबाद में तारों के दर्शन शाम 5:22 बजे होंगे।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए माताएं रविवार को अहोई अष्टमी का व्रत रखेंगी। इस बार रवि पुष्य नक्षत्र के शुभ संयोग में अहोई अष्टमी मनाई जाएगी। महिलाएं दिनभर व्रत रखकर शाम को अहोई माता की विधि-विधान से पूजा करेंगी। इसके बाद तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोलेंगी। कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि एक नवंबर को दोपहर 2:51 बजे से शुरू होकर दो नवंबर को दोपहर 1:10 बजे तक रहेगी।
अहोई अष्टमी में तारों को अर्घ्य देने की परंपरा है। इसलिए उदया तिथि के बजाय एक नवंबर को ही व्रत और पूजन किया जाएगा। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 4:59 बजे से 6:15 बजे तक रहेगा। शाम करीब 5:22 बजे तारों के दर्शन होंगे, जबकि चंद्रोदय रात 11:05 बजे संभावित है। इस दिन चंद्रमा कर्क राशि में रहेगा।
शाम 5:22 बजे के आसपास होंगे तारों के दर्शन
माताएं अपनी सामर्थ्य के अनुसार निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को अहोई माता का चित्र स्थापित कर रोली, चावल, पुष्प और दीप से पूजन किया जाता है।
बाजार से चांदी की अहोई व पूजा सामग्री की हुई खरीदारी
महिलाओं ने अहोई माता के चित्र, पूजन सामग्री और चांदी की अहोई खरीदी। परंपरा के अनुसार माताएं चांदी की छोटी-छोटी अहोई मोती के रूप में खरीदती हैं। इन्हें माला में पिरोकर गले में पहना जाता है। हर साल इस माला में एक नई अहोई पिरोई जाती है और अहोई अष्टमी पर महिलाएं इसे धारण करती हैं।
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श्री नंदेश्वर मंदिर आरपीएफ कॉलोनी हरथला के पंडित केशव प्रसाद जोशी ने बताया कि बताया कि पुष्य नक्षत्र को ज्योतिष में शुभ और मंगलकारी माना गया है। इस संयोग में अहोई माता का पूजन और संतान की सुख-समृद्धि की कामना विशेष महत्व रखती है।