मुरादाबाद, [तेजप्रकाश सैनी]। CBI action in Moradabad : सरकार की ओर से किसानों के हित में अनेक योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। लेकिन, बैंक प्रबंधक, कर्मचारी और दलालों की रिश्वतखोरी के चलते उन्‍हें पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। मजबूरन किसान साहूकारों से कर्ज लेकर फसल उगाने को मजबूर हैं। लालाटीकर में प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की हकीकत किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के आंकड़े भी बताते हैं। दलालों के चंगुल के कारण इस शाखा का लक्ष्य भी कम है।

59 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष केवल 2.44 करोड़ रुपये वित्तीय वर्ष 2021-22 में किसानों को वितरित किए गए हैं। अगर किसी किसान को एक लाख तक का ऋण स्वीकृति कराना है तो दस से 15 हजार रुपये तक की वसूली दलाल करते हैं किसानों को ब्याज की पूरी रकम पर चुकानी पड़ती है। इस कारण कोई गहने तो कोई किश्त पर कर्ज लेकर खेती में लगाता है। भले ही अब प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक का मामला सामने आया है लेकिन, अन्य बैंक शाखाओं में भी ग्रामीणों को ऋण के लिए चक्कर काटने पड़ते हैं। इस शाखा का लक्ष्य कम होने का कारण दलालों का दखल है। हालांकि, बैंक मुख्यालय दूसरा कारण कोरोना भी बता रहे हैं।

जिले को शासन से मिला सभी बैंकों का लक्ष्य शासन से लक्ष्य- 100,08,000

प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक का लक्ष्य- 1450 करोड़

वितरण एक अप्रैल से 30 नवंबर तक -70.28 करोड़

केसीसी ऋण स्वीकृत-3508

लालाटीकर शाखा का लक्ष्य- 59.50 करोड़

वितरित 30 नवंबर तक, 2.44 करोड़

केसीसी ऋण स्वीकृत-108

दलालों का दखल रोकने के लिए किसानों को ऋण स्वीकृति के लिए अब पारदर्शिता की रणनीति बनाई जा रही है। शीघ्र ही किसानों को लालाटीकर में किसानों को सीधे ऋण स्वीकृति की योजना बना रहे हैं।

राकेश अरोरा, अध्यक्ष, प्रथमा, यूपी ग्रामीण बैंक 

Edited By: Narendra Kumar