यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अमरोहा में खत्म हुआ कूड़ा निस्तारण का झंझट, प्रतिदिन बन रही 400 क्विंटल खाद, ऐसे खरीद सकते हैं किसान
अमरोहा शहर 34 वार्डोें में बंटा हुआ है। यहां लगभग 2.5 लाख लोगों की आबादी रहती है। नगर के लोगों ...और पढ़ें

अमरोहा, जागरण संवाददाता। शहर से रोजाना निकलने वाले लगभग 70 मीट्रिक टन कूड़े के वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण की योजना परवान चढ़ गई है। अकबरपुर पट्टी स्थित लिगेसी प्लांट बिना बाधा के रफ्तार भर रहा है। यहां कूड़े का जैविक निस्तारण कर प्रतिदिन 400 क्विंटल खाद बनाई जा रही है। उधर, डाइडेरा में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण भी अंतिम चरण में है। इसके शुरू होने के बाद मल से भी जैविक खाद बननी शुरू हो जाएगी।
अमरोहा शहर 34 वार्डोें में बंटा हुआ है। यहां लगभग 2.5 लाख लोगों की आबादी रहती है। नगर के लोगों को सफाई व सड़क, बिजली और पानी मुहैया कराने की जिम्मेदारी पालिका की है। सफाई के लिए बड़ी संख्या में पालिका के कर्मचारियों की फौज लगी है। सरकारी आंकड़ाें पर गौर करे तो नगर से रोजाना 70 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। प्लांट शुरू होने से पहले कर्मी पालिका शहर के कूड़े को वाहनों के जरिये अकबरपुर रोड स्थित खाली पड़ी जमीन पर डंप करते थे। जिससे कूड़े के ऊंचे-ऊंचे ढेर लग गए थे। आसपास के गांव वाले इस कूड़े से उठने वाली दुर्गंध से परेशान थे।
साथ ही संक्रामक रोगों के फैलने की भी आशंका बनी रहती थी। अब इसके लिए लिगेसी प्लांट लग गया है। जिसमें रोजाना कूड़े का निस्तारण कर उसकी जैविक खाद बनाई जा रही है। इसके अलावा मल के निस्तारण के लिए सीएनडीएस गांव डाईडेरा में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार करा रही है। जिसमें मल से जैविक खाद बनाई जाएगी। साथ ही बचा पानी किसानों की खेती के काम आएगा। ईओ ब्रजेश कुमार ने बताया कि एफएसटीपी प्लांट की मल ट्रीटमेंट करने की क्षमता रोजाना 32000 लीटर की है। फिलहाल अभी सीएनडीएस ने प्लांट को पालिका के हैंडओवर नहीं किया है।
आम के आम गुठलियों के दाम: पालिका कूड़े से जैविक खाद बनवा रही है। यह खाद किसानों के लिए जैविक खेती करने के लिए बहुत उपयोगी है। जैविक खाद पालिका द्वारा सस्ते दामों पर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे कूड़ा निस्तारण के साथ पालिका की आमदनी भी बढ़ेगी। ईओ ब्रजेश ने बताया कि प्रति ट्राली 14-15 सौ रुपये के हिसाब से किसान को सीधे जैविक खाद बेची जाएगी।
सफाई कर्मियों व वाहनों पर एक नजर
स्थाई सफाई कर्मी
संविदा सफाई कर्मी
ठेका सफाई कर्मी
डोर टू-डोर वाहन
ट्रैक्टर ट्राली
ट्रक
टेंपो
