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    सौरभ को लगाए गए तेजाब के इंजेक्शन

    By Edited By:
    Updated: Sat, 14 Feb 2015 01:31 AM (IST)

    मुरादाबाद : बैंक प्रबंधक के बेटे सौरभ सक्सेना हत्याकांड का पुलिस ने शुक्रवार को विधिवत पटाक्षेप कर द

    मुरादाबाद : बैंक प्रबंधक के बेटे सौरभ सक्सेना हत्याकांड का पुलिस ने शुक्रवार को विधिवत पटाक्षेप कर दिया। हालांकि पुलिस की कहानी 12 घंटे के अंतराल में काफी बदल गई। प्रेम त्रिकोण की जगह पुलिस ने अब फिरौती की वजह से हत्या की बात कही है। इस सिलसिले में जिम संचालक व उसकी ट्रेनर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को लखनऊ के एक युवक की भी तलाश है। पुलिस के मुताबिक सौरभ को तेजाब के इंजेक्शन भी लगाए गए थे।

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    सौरभ हत्याकांड का खुलासा करते हुए एएसपी इमरान ने पत्रकारों को बताया कि रेलवे हरथला कालोनी निवासी खुर्शीद आशियाना में बाडी फ्यूल फिटनेस एकेडमी (जिम) चलाता है। सौरभ के घर के पीछे रहने वाली शानी उर्फ सदफ जिम में ट्रेनर थी। जिम में घाटा होने व कर्मियों का वेतन न दे पाने की वजह से खुर्शीद ने अपने लखनऊ के मुफ्ती गंज निवासी निहाल हैदर जैदी के साथ मिलकर किसी की फिरौती के लिए अपहरण करने की योजना बनाई। ट्रेनर शानी ने अपने पड़ोसी सौरभ का नाम सुझाया। उसको जिम में भी छह फरवरी को शानी ने ही झांसा देकर बुलाया। जिम में सौरभ को चाकुओं से गोदकर मौत के घाट उतारने की कोशिश की गई, विरोध करने पर उसे तेजाब के इंजेक्शन भी लगाए गए। हत्या के बाद खुर्शीद ने हरथला निवासी जीजा फरीद के घर से ड्रम लाकर शव को उसमें बंद कर ड्रम जीजा के घर पर रखवा दिया। दो दिन बाद शव समेत ड्रम को टाटा मैजिक से भोला सिंह की मिलक के नाले में फेंक दिया। सौरभ की हत्या के बाद वह लोग परिजनों से दलपतपुर के जंगल में फिरौती मंगाने की योजना बना रहे थे। इसी बीच पुलिस ने खुर्शीद व शानी को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस निहाल की तलाश कर रही है।

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    पुलिस की कहानी में छेद

    पुलिस का कथन

    -सौरभ का अपहरण दस लाख रुपये की फिरौती के लिए किया गया। इस रकम से खुर्शीद अपना कर्जा अदा करना चाहता था।

    -शानी उर्फ सदफ को मकान खरीदने के लिए रुपये की जरूरत थी। इसके अलावा मुफ्तीगंज लखनऊ निवासी निहाल हैदर जैदी को परिजनों ने घर से निकाल दिया था।

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    सवाल---------------

    -सौरभ के परिजनों के पास छह दिन के अंतराल में फिरौती की काल क्यो नहीं की गई?

    -जब वह फिरौती के लिए ही अपहरण करना चाहते थे तो हत्या की योजना क्यो बना डाली? जिम में आते ही उसे क्यो मार डाला?

    - शानी की मां सौरभ के घर में काम करती है, इस वजह से दोनों के बीच पहचान थी। जब दोनों के बीच करीबी संबंध नहीं थे तो सौरभ को तड़के उसे बुलाने से शक क्यो नहीं हुआ?

    -खुर्शीद के बहनोई के घर दो दिन शव रखा रहा, उन्हें घटना के बारे में क्यो नहीं पता चला? पुलिस ने उन्हें आरोपी क्यो नहीं बनाया?

    -खुर्शीद के करीबी अन्य लोगों के नाम भी हत्याकांड में आ रहे थे। जिसमें दिलशाद नामक युवक का नाम पुलिस अधिकारियों ने भी अंदरखाने स्वीकार कर लिया था। अब उसका नाम कहीं प्रकाश में नहीं है?

    -जिस वाहन से शव फेंका गया, उस वाहन के मालिक को कैसे पुलिस ने क्लीन चिट दे दी? क्या उन्हें शव फेंके जाने की जानकारी नहीं थी? इस पर पुलिस अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।

    - छह दिन जिम के चेंजिंग रूम में खून के धब्बे लगे रहे। फिर जिम के अन्य पार्टनर को इसकी जानकारी क्यो नहीं लगी?

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    रिपोर्ट में बढ़ी अपहरण की धारा

    -नियमानुसार 24 घंटे बाद गुमशुदगी का मामला अपहरण में तरमीम हो जाना चाहिए। सौरभ की गुमशुदगी दर्ज कर सिविल लाइंस पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। 11 फरवरी को शव मिलने के बाद मामला अपहरण में तरमीम किया गया।

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    हत्यारों ने झुठलाई पुलिस की कहानी

    जिम संचालक खुर्शीद का कहना है कि सौरभ व शानी के बीच साल भर से प्रेम प्रसंग चल रहा था। चार महीने से शानी जिम में नौकरी करने लगी थी। मुझे भी उससे प्रेम हो गया था। इसकी जानकारी होने पर सौरभ ने शानी को परेशान करना शुरू कर दिया। शानी के बताने पर मैंने दोस्त निहाल हैदर के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। जिसमें शानी को शामिल किया गया। छह फरवरी को शानी, सौरभ को लेकर जिम आई और चेंजिंग रूम में मैने और निहाल ने मिलकर सौरभ की हत्या कर दी।

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    शानी के मुताबिक मैं सौरभ को लेकर जिम में आई थी, यह नहीं पता था कि खुर्शीद और निहाल सौरभ की हत्या कर देंगे। हत्या के समय जिम में बाहर से ताला बंद कर दिया गया था। लिहाजा जो भी व्यायाम करने वाले आ रहे थे वे जिम बंद समझ कर बाहर से ही लौट रहे थे। इंजेक्शन में तेजाब भरकर मैने ही दिए थे। पीटने के दौरान सौरभ की मौत हो गई।

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    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी नहीं मिला तेजाब

    हत्यारों के अनुसार उन्होंने सौरभ की हत्या के दौरान उसे तेजाब के इंजेक्शन लगाए थे। घटनास्थल से तेजाब के इंजेक्शन बरामद भी हुए। इसके बावजूद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहीं तेजाब का जिक्र तक नहीं है।