जागरण संवाददाता, मीरजापुर: जनपद में गंगा का कटान तेजी से हो रहा है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कटान हुआ और अभी बारिश के बाद हालात और खराब होंगे। गंगा किनारे सटे मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय के पास भी इस साल तेजी से मिट्टी की कटान हुई है और इसी तरह गंगा शहर की ओर बढ़ती रहीं तो आने वाले दिनों हालात और विकट होंगे।

मीरजापुर में गंगा किनारे के रिहायशी इलाकों में रहने वालों के पेशानी पर बल आ गया है। इसका कारण है कि इस बार गंगा का कटान अन्य वर्षों से ज्यादा हुई है। जबकि अभी बारिश पूरी तरह से शुरु भी नहीं हुई है। शहर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के पास गंगा कटान की स्थिति को देखते हुए अधिकारी व कर्मचारी भी सकते में हैं। स्थानीय निवासी कमलेश मिश्रा ने बताया कि जिस तरह से गंगा द्वारा मिट्टी का कटान हो रहा है, इससे लगता है कि आने वाले दिनों गंगा शहर को ही अपने आगोश में न ले लें। इसी डर की वजह से कई लोग गंगा किनारे के आवास छोड़ने की योजना भी बनाने लगे हैं। मिला प्रशिक्षण, नहीं मिला फायदा

इसी वर्ष जनपद के 246 किसानों व विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को गंगा कटान रोकने की ट्रे¨नग के लिए चुना गया। इन्हें अलग-अलग टोलियों में कानपुर भेजा गया लेकिन जमीन पर अभी इसका कुछ भी फायदा दिखाई नहीं दे रहा है। अब रही सही उम्मीद गंगा हरितिमा योजना से जुड़ी है, जिसके तहत गंगा किनारे एक किलोमीटर के दायरे में वृक्षारोपण किया जाना है। सीडीओ प्रियंका निरंजन ने बताया कि हरितिमा योजना की तैयारी पूरी कर ली गई है और जनपद के पांच ब्लाक में इसे शुरु किया जाएगा। इससे निश्चित तौर पर गंगा द्वारा मिट्टी की कटान से भी राहत मिलेगी।

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