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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 12, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जीवन में जितना प्राप्त है वही पर्याप्त है : रितेश्वर

By JagranEdited By:
Published: Sat, 12 May 2018 09:37 PM (IST)Updated: Sat, 12 May 2018 09:38 PM (IST)

जागरण संवाददाता, कछवां (मीरजापुर) आदर्श नगर पंचायत कछवां स्थित पंडित राम¨ककर उपाध्याय

जीवन में जितना प्राप्त है वही पर्याप्त है : रितेश्वर
जीवन में जितना प्राप्त है वही पर्याप्त है : रितेश्वर

जागरण संवाददाता, कछवां (मीरजापुर) आदर्श नगर पंचायत कछवां स्थित पंडित राम¨ककर उपाध्याय पार्क में मथुरा वृन्दावन से पधारे सुविख्यात स्वामी श्री रितेश्वर जी महाराज ने शुक्रवार की रात्रि में घुंघरू महोत्सव के दौरान भगवान कृष्ण राधारानी का उदाहरण देते हुए कहा कि जीवन में जितना प्राप्त है वही पर्याप्त है। हम पूजा करते हैं, राजनीति करते हैं, डाक्टर बनते हैं, इंजीनियर बनते हैं तो प्रशंसा के साथ ही निन्दा भी होती है। आज के दौर में बड़े से बड़े भ्रष्टाचारी की भी लोग प्रशंसा करते हैं। निन्दा और प्रशंसा से जगत नहीं चलता बल्कि जगत तो सत्य से चलता है। दुनिया में सत्य है तो बस श्रीमद् भागवत से जो विद्वानों का ग्रन्थ है। उसमें विद्वता का भंडार है। वह सर्वश्रेष्ठ ग्रन्थ है। जो मन में है वह मुख में नहीं आता और जो मुख में है वह मन में नहीं आता। वह सोचता कुछ है और करता कुछ और है। यहां सभी स्वार्थ के लिये ही कुछ करते हैं। सन्त सतगुरु और परमात्मा की बातें भीतर मन तक जाएंगे तो तुम्हारा जीवन सार्थक होगा। लीला पैसे से नहीं होती, लीला तो भाव से होती है। चीनी से मिठास निकल जाए तो चीनी कौन कहेगा। कश्यप नगरी तपोस्थली से कश्यप ऋषि निकल जाये तो इसे कछवां कौन कहेगा।जिसके जीवन मे धन प्रमुख होगा वह ठाकुरजी को नहीं बल्कि जिसके मन में धर्म प्रमुख होगा वह ठाकुर जी को प्राप्त कर सकेगा। सत्संग और प्रवचन के दौरान कछवां आनंदम धाम के भक्तों ने पुरी व्यव्स्था संभाल रखी थी। इस मौके पर चेयरमैन पनधारी कुमार यादव, विशाल श्रीवास्तव. लालू, राजेश ¨सह, एकलांख अहमद, कृष्णदत्त त्रिपाठी, मिठाई लाल, राजा सेठ, अविनाश रस्तोगी आदि भक्तगण मौजूद रहे।