जागरण संवाददाता, मीरजापुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों की आय दोगुनी करने को गंभीर है। ऐसे में किसानों की आय तभी दोगुनी होगी जब उपज बढ़ें। किसानों की उपज बढ़ाकर आय दोगुनी करने संग जल संरक्षण में भी ड्रम सीडर मुफीद बन रहा है। ड्रम सीडर के माध्यम से विध्य क्षेत्र के किसान जल संरक्षित कर रहे हैं।

धान की सियाट्स-1 प्रजाति की बुवाई 4 बीघा में ड्रम सीडर से की जा सकती है। सिटी ब्लाक के खुटहा मानस के किसान बृजेश कुमार सिंह ड्रम सीडर से धान की बोआई कर अन्य के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। कृषि उप निदेशक अशोक उपाध्याय ने बताया कि काफी सस्ती और आसान तकनीकी वाली मशीन में बीज भरने के लिए चार प्लास्टिक के खोखले ड्रम होते हैं, जो कि एक बेलन पर बंधे रहते हैं। ड्रम में दो पंक्तियों पर लगभग 8-9 मिलीमीटर व्यास के छिद्र से बीज गिरते हैं। प्रति बीघा सात किग्रा धान बीज का किसान ने बोआई की। मशीन से बोआई करने पर मजदूरी की काफी बचत हो जाती है। उत्पादन भी रोपाई विधि के लगभग बराबर ही होता है। किसान ड्रम सीडर से ऐसे करें धान की बोआई

जनपदीय सलाहकार डा. सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि ड्रम सीडर मशीन धान की बुआई करने के लिए सबसे पहले खेत में पानी भर कर दो से तीन बार पलेवा करके खेत को अच्छी तरह पाटा लगा कर समतल कर लेते हैं। बोआई के समय खेत में केवल एक सेंटीमीटर पानी की पतली परत रहनी चाहिए, जिससे खेत में पानी ज्यादा होने पर बीज पानी के साथ बहने ना पाए। बोआई करने से पूर्व बीज को 10-12 घंटे भिगोकर पानी से निकाल लें। जूट के बोरे में रख दें या जमीन पर रखकर कपड़े से ढक दें, जिससे बीज 10 से 12 घंटे में अंकुरित हो जाए। बीज को ड्रम सीडर के बाक्स में एक तिहाई भरकर बाक्स को बंद कर दें इसके पश्चात ड्रम सीडर को सामान्य गति से खींचे। इस मशीन द्वारा बोआई आसानी से की जा सकती है।