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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 12, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सुचिस्मिता को मिला साथ ,पहली बार में ही विजय

By JagranEdited By:
Published: Sun, 12 Mar 2017 01:00 AM (IST)

जागरण संवाददाता, मीरजापुर: पूरे उत्तर प्रदेश में चली मोदी लहर से जिला भी अछूता नहीं रहा। जिले की

सुचिस्मिता को मिला साथ ,पहली बार में ही विजय
सुचिस्मिता को मिला साथ ,पहली बार में ही विजय

जागरण संवाददाता, मीरजापुर: पूरे उत्तर प्रदेश में चली मोदी लहर से जिला भी अछूता नहीं रहा। जिले की पांच विधानसभा सीटों पर भाजपा ने क्लीन स्वीप किया। यह एक रिकार्ड है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। यही कारण रहा कि पहली बार मझवां से अपना भाग्य आजमा रहीं सुचिस्मिता मौर्य को भी मतदाताओं ने हाथों हाथ लिया और उनको विजय दिलायी। हालांकि सुचिस्मिता की राजनीतिक पृष्ठभूमि पहले से ही थी। उनके श्वसुर रामचंद्र मौर्य इसी सीट से भाजपा के टिकट पर विधायक बने थे। उसके बाद एक लंबा अंतराल आ गया। लेकिन सुचिस्मिता कभी सक्रिय राजनीति में नहीं रही। श्वसुर की मौत के बाद शुचिस्मिता राजनीति में सक्रिय हुईं और उसे मझवां से पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया जिसे जीतकर उसने पार्टी के निर्णय को सही साबित किया।

मझवां के तेवर पहले ही चक्र में दिख गए थे जब बसपा के टिकट पर तीन बार के विधायक रहे रमेश ¨बद को मात्र 1578 मत मिले। सपा के युवा रोहित शुक्ला लल्लू को 933 तथा शुचिस्मिता को 5223 मत प्राप्त हुए। इसके बाद के सभी चक्रों में यह क्रम जारी रहा और सपा हो या बसपा सभी कभी दौड़ में नहीं दिखाई दिए। दूसरे चक्र में भाजपा को 6516, सपा को 993 तथा बसपा को 1578 मत मिले। तीसरे चक्र में सपा और बसपा मिलकर भी भाजपा को प्राप्त मतों के आधे तक नहीं पहुंच सके। तीसरे चक्र में जहां भाजपा को 11511 मत मिले वहीं सपा को 2073 तथा बसपा को 3278 मत ही मिल सके। यह क्रम अंत तक जारी रहा। चौथे चक्र में जरूर बसपा ने कुछ ताकत दिखाई और इस चक्र में वह भाजपा से मात्र 928 मतों से ही पीछे रही लेकिन कभी भी वह उभर नहीं सकी और अंत में विजयश्री भाजपा को ही मिली। दसवें चक्र में भी बसपा और भाजपा का अंतर मात्र 99 का ही रह गया था लेकिन कभी ऐसा नहीं हुआ कि वह भाजपा से आगे निकली हो। 22 वें चक्र में भाजपा को मिले 4291, सपा को 1678 तथा बसपा को मिले 3019 मत यही साबित करते हैं। 23 वें

राउंड में भाजपा को 4269, सपा को 2009 तथा बसपा को 2492 मत मिले।

विधान सभा मझवा

भाजपा:प्रत्याशी सुचिष्मिता मौर्य पूर्व विधायक स्व. राम चंद्र मौर्य की बहू हैं।

शिक्षा:एमबीए की हैं।

संपत्ति:सुचिष्मिता करोड़ों रुपये की मालकीन हैं। इन पर कोई मुकदमा नहीं है। पहली बार चुनाव मैदान में हैं।

व्यवसाय- कालीन कारोबार

किसे कितना मिला मत

विधान सभा मझवां-

भाजपा- सुचि स्मिता मौर्या- 107839

बसपा- रमेश ¨बद - 66680

सपा- रोहित शुक्ला- 44212