Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    क्रांतिगंगा के भगीरथ नजर आए योगी आदित्यनाथ, पहली बार कोई सीएम बने क्रांति उत्सव के साक्षी

    By Parveen VashishtaEdited By:
    Updated: Wed, 11 May 2022 08:00 AM (IST)

    CM Yogi Visits Meerut मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के नए राजनीतिक भगीरथ कहे जा रहे हैं। मेरठ में उनका यही अवतार नजर आया। उन्‍होंने आजादी के वीर-सपूतों को सराहा। उनके दौरे का हर पल क्रांतिवीरों को समर्पित रहा।

    Hero Image
    मेरठ में क्रांति दिवस पर शहीद स्मारक पर मुख्यमंत्री ने पुष्प अर्पित किए

    मेरठ, संतोष शुक्ल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेरठ दौरे में पूरी तरह क्रांतियोगी नजर आए। उनके हर कदम में क्रांतिधरा की ऊर्जा थी। हर नजर में राष्ट्र के सपूतों के प्रति गहरा सम्मान था। अमर भूमि पर सीएम योगी इतिहास की यादों में खो गए। गुलामी की बेड़ियों को तोड़ आजादी की हुंकार भरने वाले महानायकों के लिए बार-बार तालियां बजाईं। गर्वभाव से बलिदानियों का सम्मान और नमन किया। आखिर पहली बार क्रांति दिवस यानी 10 मई को कोई मुख्यमंत्री मेरठ में क्रांति उत्सव का साक्षी बना। 

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    क्रांति धर्म का उफान 

    सीएम योगी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के नए राजनीतिक भगीरथ कहे जा रहे हैं। मंगलवार को उनका यही अवतार नजर आया। राजनीति एवं विकास योजनाओं की समीक्षा से इतर सिर्फ आजादी के वीर-सपूतों को सराहा। 10 मई 1857 को मेरठ से क्रांति की ज्वाला उठी थी, जिसे भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कहा जाता है।

    क्रांतिवीर धनसिंह कोतवाल की मूर्ति पर किया माल्‍यार्पण

    सीएम योगी जब 10 मई 2022 को मेरठ आए तो उनके भी हावभाव में क्रांतिधर्म उफन रहा था। सबसे पहले वो क्रांतिवीर धनसिंह कोतवाल की मूर्ति पर माला पहनाने गए, जहां उन्होंने मूर्ति के सुंदरीकरण का आदेश दिया। शहीद स्मारक पर सीएम ने एक घंटे बिताया, जहां उन्होंने संग्रहालय में क्रांतिकारियों के चित्रों के जरिए आजादी के इतिहास का सफर किया। 

    शहीद स्मारक, अमर जवान ज्योति एवं मंगल पांडेय की मूर्ति पर पुष्प चढ़ाया। आजादी के महानायकों के योगदान को उकेरती 35 मिनट की फिल्म को देखकर सीएम योगी कई बार भावुक हुए। यकीनन, आज उनके दिमाग में बलिदानियों की संघर्षगाथा का चलचित्र चल रहा था। बेहद व्यस्त क्षणों के बीच मुख्यमंत्री ने क्रांतिधर्म के पथिकों के लिए लंबा समय निकाला। सीएम योगी बाबा औघड़नाथ मंदिर भी गए, जहां क्रांतिकारियों में आत्मसम्मान का बीज रोपा गया था। विधानसभा चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी यहां आए थे।

    सांस्कृतिक कार्यक्रम में बलिदानियों की पूरी श्रृंखला हुई साकार

    विक्टोरिया पार्क में आजादी के नायकों के सम्मान में भारी भीड़ पहुंची थी। मंच पर स्वतंत्रता संग्राम के यादों की सरगम गूंज रही थी। सीएम योगी के मंच पर पहुंचते ही भारत माता की जय और वंदेमातरम के नारों की लहरें उठने लगीं। सांस्कृतिक कार्यक्रम में बलिदानियों की पूरी श्रृंखला साकार हो उठी। इस दौरान जनप्रतिनिधि सीएम के कान में विक्टोरिया पार्क का इतिहास बताते रहे। योगी ने मंच संभालते ही क्रांतिधरा के संस्कार को नमन करते हुए राष्ट्रनायकों के योगदान को जमकर सराहा। उनके स्वजन के साथ अपनेपन का भाव रखा। भले ही उन्होंने रैपिड रेल, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे और मेजर ध्यान चंद स्टेडियम खेल विवि समेत कई विकास योजनाओं का जिक्र किया, लेकिन क्रांति दिवस पर विशेष फोकस रहा। सीएम ने यह भी कहा कि आज तो मेरठ-दिल्ली के बीच एक्सप्रेस वे है, लेकिन 1857 में क्रांतिवीर वहां तक पैदल गए होंगे।