अब वोट डालने के लिए नहीं लगानी पड़ेगी लंबी लाइन, नियम में हुआ बदलाव, अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
उत्तर प्रदेश में अब मतदान केंद्रों पर लंबी लाइनों से बचने के लिए नियमों में बदलाव किया गया है। पहले प्रत्येक बूथ पर 1500 मतदाता होते थे लेकिन अब यह संख्या घटाकर 1200 कर दी गई है। इस निर्णय का उद्देश्य मतदाताओं को कम समय में मतदान करने की सुविधा प्रदान करना है।
जागरण संवाददाता, मेरठ। आने वाले दिनों में जब भी लोकसभा-विधानसभा चुनाव होंगे तो व्यवस्था बदली-बदली नजर आएगी। अभी तक हर बूथ पर 1500 मत डालने का नियम था। अब ऐसा नहीं होगा, केवल 1200 ही मत डाले जाएंगे।
भारत निर्वाचन आयोग ने यह निर्णय लिया है ताकि मतदाताओं को अधिक देर तक लंबी लाइन में ना लगना पड़े। इसी को ध्यान में रखते हुए सोमवार को आयुक्त सभागार में मेरठ, सहारनपुर, आगरा, मुरादाबाद, बरेली मंडल के सभी जिलाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में वोटर लिस्ट में कैसे नाम ठीक करना है, नई वोट कैसे बनानी है। यह सब भी बताया गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि अब तक जब भी चुनाव होते थे तो प्रत्येक बूथ पर 1500 मत पड़ते थे। जिस कारण बूथों पर लंबी लाइन लग जाती थी। वर्तमान में प्रदेश में एक लाख 62 हजार 462 पोलिंग बूथ है।
जब प्रत्येक बूथ पर 1200 मत डालने की व्यवस्था की जाएगी तो इन बूथों की संख्या बढ़कर एक लाख 80 हजार के करीब हो जाएगी। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह समझदार बीएलओ की नियुक्ति करें। उन्हें गहनता से प्रशिक्षण दें।
वोटर सर्विस पोर्टल एवं वोटर हेल्पलाइन एप के बारे में अधिक से अधिक प्रचार किया जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया कि मतदाता सूची शुद्ध रखी जाए।
नियमित रूप से पात्र नए मतदाताओं को वोटर लिस्ट में जोड़ा जाए। जिन मतदाताओं की मौत हो चुकी है, उनके नाम हटाए जाएं। उन्होंने बताया कि पहली बार प्रदेश में ऐसा हो रहा है कि वोटर लिस्ट को लेकर इस तरह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मेरठ मंडल मे पहले चरण का प्रशिक्षण दिया गया है। दूसरे चरण में लखनऊ, वाराणसी में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण देने में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी अमित सिंह, मंडलायुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद, जिलाधिकारी डा. वीके सिंह भी मौजूद रहे।
प्रशिक्षण के दौरान इन जनपदों के डीएम रहे मौजूद
एटा, हाथरस, कासगंज, अमरोहा, संभल, बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, मेरठ, पीलीभीत, रामपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर एवं शामली के जिला निर्वाचन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण में यह बिंदु भी रहे शामिल
प्रशिक्षण के दौरान ईआरओ नेट के माध्यम से होने वाली प्रक्रिया, डीओ लागिन, आपरेटर लागिन, बीएलओ एप, आनलाइन पंजीकरण, पब्लिक सर्विस पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों का निस्तारण संबंधी प्रशिक्षण दिया गया।
बूथ पर मिलेगी हर तरह की सुविधा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बूथ पर पानी, बैठने के लिए कुर्सी, दिव्यांग के लिए रैंप और व्हीलचेयर की व्यवस्था होगी। निर्देश दिए गए कि जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर मतदाता सूची को पूरा किया जाए।
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