मेरठ, जेएनएन। कोरोना संक्रमण के इतने तेजी से फैलने की एक वजह लापरवाही भी है। भीड़ वाले इलाकों में मास्क न लगाना, शारीरिक दूरी का पालन न करना और बचाव के अन्य उपायों को न अपनाया जाना मुख्य वजह हैं। कोरोना से मुकाबले के लिए बचाव के उपायों को प्राथमिकता से अपनाना चाहिए। संक्रमण से निपटने के लिए होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति की कुछ दवाओं के भी उत्साहजनक नतीजे सामने आए हैं। यह कहना है वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डा. ईश्वर सिंह का। उन्होंने दावा किया है कि कोरोना से बचाव आर्सेनिक एल्बम-30 काफी कारगर है। इससे इम्‍यूनिटी बढ़ जाती है। 

डाक्‍टर ने बताया कि इस दवा की दो से तीन बूंदों को एक बड़े चम्मच पानी में डालकर दिन में तीन बार सात दिन लें। इसके बाद इसे बंद कर दें और डेढ़ माह बाद फिर से इसी तरह इसका सेवन कर सकते हैं। उन्होंने कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए कुछ उपयोगी दवाओं के बारे में सुझाव दिए हैं।

केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (CCRH) के अनुसार आर्सेनिक एल्‍बम 30 पाचन के लिए ज्‍यादा उपयोगी है। साथ ही बुखार, खासी में इसका उपयोग किया जाता है। इसके अलावा इस दवा का उपयोग इम्‍यूनिटि बढ़ाने में भी इस्‍तेमाल  किया जा सकता है। यह दवा कोरोना मरीजों का इलाज नहीं करती है। 

संक्रमितों के लिए उपयोगी यूपाटोरियम पर्फ-30 व एस्पीडोस्पर्मा क्यू

डा. ईश्वर सिंह ने दावा किया कि संक्रमितों के लिए यूपाटोरियम पर्फ-30 दवा उपयोगी है। इस दवा की दो से तीन बूंद एक चम्मच पानी के साथ दिन में चार बार एक सप्ताह तक लें। इससे इम्‍यूनिटि सिस्‍टम बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसके अलावां डाक्‍टर ईश्‍वर सिंह का दावा है कि जिन मरीजों में आक्सीजन का स्तर गिर रहा है और 94 से नीचे आक्सीजन सेचुरेशन गिर गया है वह एस्पीडोस्पर्मा क्यू की दो से तीन बूंद दिन में तीन बार एक सप्ताह के लें। 

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