बागपत, जेएनएन। यमुना खादर में गेहूं की फसल की कटाई के विवाद में हरियाणा के खुर्रमपुर के किसानों ने फायरिंग की। इसमें बागपत के नंगला बहलोलपुर के एक किसान की गोली लगने से मौत हो गई। इस घटना को लेकर नंगला बहलोलपुर के किसान गम और गुस्से में है। लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। उनका आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही से यह घटना घटित हुई है। बता दें कि पुलिस की मौजुदगी में गुरूवार को कटाई हुई थी।

खादर की जमीन को लेकर नंगला बहलोलपुर और सोनीपत खुर्रमपुर के किसानों का पिछले करीब पांच दशकों से विवाद चल रहा है। फसल की बुआई व कटाई के समय अधिकांश झगड़ा होता है। इस बार भी गेहूं की फसल की बुआई को लेकर दोनों गांव के किसानों के बीच संघर्ष हुआ था। पिछले माह सरसों की फसल की कटाई को लेकर खादर में बवाल हुआ था। कई किसान घायल हुए थे। सोनीपत प्रशासन ने रिकार्ड के आधार पर गेहूं की फसल की कटाई करने की किसानों को अनुमति दी थी। गुरुवार को सोनीपत पुलिस की मौजूदगी में फसल की कटाई हो रही थी। शाम करीब चार बजे सोनीपत के एक नेता ने अपने 10-12 लोगों के साथ मिलकर फसल कटाई का विरोध किया था इस पर पुलिस ने दोनों गांव के किसानों को फसल काटने से रोक दिया था।

नंगला बहलोलपुर के किसान राजीव यादव का कहना है कि शुक्रवार सुबह आरोपित नेता कई अन्य लोगों के साथ गांव के खेतों में पहुंचा और मशीन से गेहूं फसल कटाई का कार्य कराने लगा। उनके गांव के किसानों ने विरोध किया तो फायरिंग कर दी। किसान अनिल के पेट में गोली लगने से मौत हो गई। इस घटना से नंगला बहलोलपुर के किसानों में आक्रोश है। उनका आरोप है कि बागपत व सोनीपत प्रशासन की लापरवाही से घटना घटित हुई है। उधर बागपत कोतवाली प्रभारी एनएस सिरोही का कहना है कि हरियाणा क्षेत्र में घटना हुई है।  

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