मेरठ, जेएनएन। मेरठ समेत पूरे उत्‍तर प्रदेश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मरीजों की संख्‍या में यहां तेजी से इजाफा हो रहा है। वहीं मौत की दर भी बढ़ गई है। इसी पर रोक लगाने के लिए यूपी में पहले नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया गया था। बाद में कोरोना कर्फ्यू या वीकेंड लॉकडाउन लागू कर दिया गया। इसमें कई बार बदलाव भी किए गए। बाद में हफ्ते में चार दिन का कोरोना कर्फ्यू लगा दिया गया। योगी सरकार ने मेरठ समेत यूपी के सभी जिलों में 10 मई तक कोरोना कर्फ्यू बढ़ा दिया है। सोमवार की सुबह सात बजे के बाद पाबंदी हटेगी। 

कोरोना कर्फ्यू के दौरान आवश्‍यक वस्‍तुओं की सुविधा दी जाएगी। साथ ही उद्योग, परिवहन व जरूरी सेवाओं को छूट दी जाएगी। वहीं सड़कों पर पुलिस की तैनाती रहेगी। बेवजह घर से बाहर निकलने वालों का चालान किया जाएगा। कोरोना कर्फ्यू के दौरान शहर में सैनिटाइजेशन का कार्य जारी रहेगा। साथ ही अन्‍य सफाई अभियान भी चलाया जाएगा। वहीं कोविड मरीजों के जांच जारी रहेगी। बता दें कि 20 मई तक शैक्षणिक कार्य पर भी रोक लगाई गई है।

मेरठ समेत पूरे यूपी में कोरोना का कहर जारी है। मेरठ में हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं। हर दिन 15 से अधिक लोगों की मौते व 1000 के आसपास के मामले आने से शहर में खौफ का माहौल बना हुआ है। वहीं आक्‍सीजन की कमी से अस्‍पताला की अव्‍यवस्‍थता भी सामने आ रही है। वहीं मंगलवार को 6652 सैंपलों की जांच की गई, जिसमें 806 मरीज मिले हैं।

1891 मरीज भर्ती किए गए, जबकि होम आइसोलेशन में 4940 मरीजों का इलाज चल रहा है। 1044 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 12748 हो चुकी है। उधर, मेडिकल कालेज में 13 मरीजों की मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में पांच अन्य मरीजों की मौत बताई गई है। सुभारती, केएमसी और एप्सनोवा अस्पतालों में दो-दो मरीजों की जान गई।  

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