UP Board Exam Tips: छात्र गणित में सूत्र और बायो में लघु-अतिलघु उत्तरीय प्रश्नों पर दें ध्यान
UP Board Exam Tips बोर्ड परीक्षा के सभी छात्र तैयारियों में जुटे हैं। चार अप्रैल को दूसरी पाली में एक साथ होगी गणित व जीव विज्ञान की परीक्षा। दोनों पेपर की तैयारी को परीक्षार्थियों के पास करीब 17 दिन। कुछ टिप्स पर ध्यान देने की जरूरत है।

मेरठ, जागरण संवाददाता। माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश यानी यूपी बोर्ड की वर्ष 2022 की बोर्ड परीक्षा में गणित और जीव विज्ञान का पेपर एक ही दिन एक ही पाली में होगी। दोनों ही पेपर चार अप्रैल को दूसरी पाली में होंगे। पीसीएम और पीसीबी लेने वाले छात्रों में किसी ने बायो और गणित एक साथ नहीं लिया है, इसलिए दोनों परीक्षाएं एक ही दिन एक ही पाली में आयोजित की गई है। इन दोनों पेपर की तैयारी के लिए परीक्षार्थियों के पास करीब 17 दिन हैं। सही व सटीक तैयारी के लिए जरूरी सुझाव दे रहे हैं विषय के शिक्षकगण।
गणितीय सूत्रों की है महत्वपूर्ण भूमिका
गणित के प्रश्नपत्र में प्रश्नों को हल करने के लिए गणितीय सूत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रश्नों को ध्यान से पूरा पढ़ें। देखें कि उसमें क्या दिया है, क्या पूछा गया है और जो तथ्य पूछे गए हैं उन्हें किन सूत्रों के प्रयोग से हल किया जा सकता है। यह निर्णय आप तभी ले सकते हैं जब जब आपको सूत्र याद होंगे। सूत्र के बिना प्रश्नों को हल करना संभव नहीं है। इसलिए सभी अध्यायों के सूत्र उनके संकेतांकों के अर्थ सहित याद करें। उत्तर पुस्तिका में प्रश्नसंख्या पूरा लिखें। लघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर में यदि हल की आवश्यकता है तो हल भी करना चाहिए। जिन प्रश्नों के हल में चित्र की जरूरत हो, उनमें जरूर बनाएं।
अधिक अभ्यास करें
आठ अंकों के दीर्घ उत्तरीय प्रश्न अधिकांश आव्यूह यानी मैट्रिक्स से होते हैं। आव्यूह विधि से समीकरण हल करना, अवकल समीकरण, रेखीय अवकल समीकरण, निश्चित समाकलन, दो रेखाओं के बीच की न्यूनतम दूरी के पाठ्यक्रम से पूछे जाते हैं। इनका अधिक अभ्यास परीक्षा में सफल करेगा। गणित में भी 30 प्रतिशत सिलेबस हटाए गए हैं। हटे पाठ्यक्रमों में संयुक्त फलन, फलन का व्युत्क्रम, द्विधारी संक्रियाएं प्रतिलोक त्रिकोणमीतीय फलन रोले तथा लैग्रान्जे की मध्यमान प्रमेय एवं उनकी ज्यामितीय व्याख्या, अदिय त्रिगुणन प्रायिकता में याद्धच्छिक चर का माध्य तथा प्रसरण बरनौली परीक्षण एवं द्विपद बंटन है। हटाए गए पाठ्यक्रम का अभ्यास न करें।
- धर्मेंद्र सिंह, प्रवक्ता गणित, कृपाराम जनता इंटर कालेज सरूरपुर खुर्द
जीव विज्ञान
जीव विज्ञान बेहद स्कोरिंग विषय है और इससे डिवीजन भी बढ़ता है। जीव विज्ञान के 70 प्रतिशत सिलेबस में पुष्पी पौधों में लैंगिक जनन, मानव जनन, जनन स्वास्थ्य, वंशागति एवं विविधता, मानव स्वास्थ्य एवं रोग, वंशागति का आश्विक आधार, मानव कल्याण में सूक्ष्म जीव, जैव प्रौद्योगिकी एवं जैव विधिता एवं संरक्षण आदि चैप्टर शामिल हैं। पुष्पी पौधों में लैंगिक जनन, वंशागति एवं विविधता, मानव कल्याण में सूक्ष्म जीव, जैव प्रौद्योगिकी तथा जैव विविधता एवं संरक्षण बोर्ड परीक्षा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण चैप्टर हैं। परीक्षार्थी अतिलघु एवं लघुउत्तरीय प्रश्नों पर विशेष ध्यान दें, इनसे 22 प्रश्न पूछे जाते हैं जो 51 अंक के होते हैं। उत्तर में जरूरत के अनुरूप जीव विज्ञान में चित्र बनाने का अभ्यास जरूर करें। लेबलिंग भी जरूर करें। लेबलिंग नहीं करने पर अंक कटते हैं। गाइड में गलती की गुंजाइश अधिक रहती है इसलिए तैयारी विषय की किताब से ही करें।
- कल्पना, प्रवक्ता, जीव विज्ञान, डीएन इंटर कालेज मेरठ
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