मेरठ, जेएनएन। STF (Special Task Force) और परतापुर पुलिस ने अवैध तरीके से किताबें छापकर बाजार में बेचने वाले बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। संयुक्त टीम ने शुक्रवार को परतापुर स्थित अछरोड़ा में सचिन गुप्ता के गोदाम और भाजपा के महानगर उपाध्यक्ष संजीव गुप्ता की प्रिंटिंग प्रेस में छापा मारा। दोनों स्थानों से भारी मात्रा में एनसीईआरटी (National council of Education Research and training), एनसीईएलटी, निजी प्रकाशकों के नाम से किताबें, प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें और प्रिंटिंग प्रेस की छह आधुनिक मशीनें बरामद कीं। एसएसपी के अनुसार बरामद किताबों व छह आधुनिक मशीनों की कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये है।

11 लोगों को लिया हिरासत में 

प्रिंटिंग प्रेस में कर्मचारियों ने सुबूत मिटाने की नीयत से कुछ किताबें जला दीं और सीपीयू, कंप्यूटर लेकर भाग निकले। किताबें छापकर इन्हें दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा और यूपी के बड़े शहरों में सप्लाई किया जाता था। पुलिस ने 11 लोगों को हिरासत में लिया है। गोदाम और छह प्रिंटिंग मशीनें सील कर जरूरी कागजात कब्जे में ले लिए हैं। इस मामले में देर रात प्रिंटिंग प्रेस स्वामी पिता-पुत्र एवं भाजपा नेता के खिलाफ परतापुर थाने में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही थी। 

सुशांत सिटी के सेक्टर तीन निवासी सचिन गुप्ता पुत्र प्रदीप गुप्ता की टीएनएसके प्रिंटर्स एंड पब्लिशर्स के नाम से मोहकमपुर में फर्म है। दूसरी ओर गगोल रोड पर अछरोड़ा गांव में गोदाम बना रखा है। शुक्रवार को एसटीएफ के सीओ बृजेश सिंह और परतापुर इंस्पेक्टर आनंद मिश्र की टीम ने गोदाम पर छापा मारा तो अंदर बड़ी संख्या में किताबें मिलीं। उसके बाद पुलिस की टीम ने कोतवाली के बुढ़ाना गेट निवासी संजीव गुप्ता की प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा। एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि पुलिस ने यहां काम कर रहे 11 लोगों को हिरासत में लेकर गोदाम और प्रिंटिंग प्रेस को सील कर दिया है। प्रिंटिंग प्रेस में फूंकी गई किताबों के बारे में भी पुलिस और फारेंसिंक टीम जांच कर रही है। वाणिज्य कर विभाग और एनसीईएलटी की विजिलेंस टीम को भी मौके पर बुला लिया है। देर रात समाचार लिखे जाने तक सभी टीमें पड़ताल में जुटी रहीं।

गोदाम के अंदर मिली 364 तरीके की किताबें 

अछरोड़ा में सचिन गोयल के गोदाम से पुलिस ने 364 तरह की किताबें बरामद की हैं। इनमें कक्षा एक से लेकर 12 तक की किताबें शामिल हैं। छह कंप्यूटर और 20 बिल बुक भी कब्जे में लिए गए हैं। भाजपा नेता संजीव गुप्ता और उनके भतीजे सचिन अभी पुलिस पकड़ में नहीं आ सके हैं। 

 

एसएसपी का क्‍या है कहना 

अवैध तरीके से किताबों की बड़े पैमाने पर छपाई कर इन्हें यूपी समेत चार राज्यों में सप्लाई किया जाता था। एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गोदाम में बेहद बड़ी संख्या में किताबें मिली हैं। फरार हुए प्रिंटिंग प्रेस स्वामी सचिन गुप्ता की तलाश में पुलिस की टीमें लगा दी हैं। -अजय साहनी, एसएसपी 

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