मेरठ (जेएनएन)। शहरवासियों के लिए शुक्रवार की रात बेहद खास रही। दैनिक जागरण डांडिया रास की महफिल में बॉलीवुड पार्श्व गायिका शिप्रा गोयल ने हिंदी और पंजाबी गानों की ऐसी झड़ी लगाई कि दर्शक कदम थिरकने से नहीं रोक पाए। एक से बढ़कर एक फिल्मी नगमे और थिरकते युवाओं ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। रंग-बिरंगे परिधान में महिलाओं, युवतियों और बच्चों ने डांडिया टकराई तो खचाखच भरे मैदान में दर्शकों की तालियां गूंज उठी। जैसे-जैसे रात जवां हुई वैसे-वैसे युवा जोश और उमंगें भी जवां होती गईं। दिनभर कामकाज में व्यस्त रहे लोग कुछ ही पलों में थकान भूल डांडिया रास की मस्ती में डूब गए। आधी रात तक डांडिया में सुर-संगीत की महफिल का शहरवासियों ने जमकर लुत्फ उठाया।

सुरों ने जोड़े दिल के तार
सालभर के इंतजार के बाद शुक्रवार को एक बार फिर दैनिक जागरण के पारिवारिक कार्यक्रम डांडिया रास में सुरों की महफिल सजी तो सुरों ने दिलों के तार जोड़ दिए। आइटीआइ ग्राउंड साकेत में खुले आसमान के नीचे सूरज ढलने के साथ ही शहर उमड़ने लगा था। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही ग्राउंड का कोना-कोना सुर संगीत की धड़कती लय में थिरकने को बेताब था। महिलाएं हों या बच्चे सबकी निगाहें मंच पर पाश्र्व गायिका शिप्रा गोयल के आने का बेसब्री से इंतजार कर रही थीं। जैसे ही एंकर भावना ने उन्हें स्टेज पर बुलाया तो ग्राउंड तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

जोरदार एंट्री
पार्श्व गायिका ने भी मेरठ वासियों के दिल को छूने में देर नहीं लगाई। अपनी सुरीली आवाज से एक से बढ़कर एक फिल्में गाने कभी हिंदी तो कभी पंजाबी का ऐसा तड़का लगाया कि सुरों ने हर शहरवासी के दिलों से तार जोड़ दिए।

गीतों से बांधा समां
शिप्रा गोयल की स्टेज पर दमादम मस्त कलंदर..गाने के साथ धमाकेदार एंट्री हुई। पहले ही गाने पर दर्शकों में रोमांच भर दिया। इसके बाद छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके..,झुमका बरेली वाला.., कब से खड़ी हूं दरवज्जे पे..पल्लो लटके मारो पल्लो लटके..गानों ने डांडिया रास की महफिल में समां बांध दिया। सुरों की तान छिड़ी तो महिलाएं, युवतियां स्टेज के पास पहुंच गईं। शिप्रा के सुरों से दर्शक कभी सुर मिलाते तो कभी झूमने लगते। जैसे ही पंजाबी नगमा दिल मांगता है दिलदार सोंड़िए.., सपने में मिलती है कुड़ी मेरे सपने में मिलती है..गाया तो ग्राउंड तालियों गड़गड़ाहट से गूंज उठा। हाय रे हाय रे नखरा मेरा नी..दिल ले गई कुड़ी गुजरात..से दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। उम्र की सीमाएं टूट गईं। बुजुर्ग और यूवा एक ही लय में झूमते नजर आए। मैनू काला चश्मा..कुड़ी नशे पे चढ़ गई ओए..पर बच्चों ने जमकर नृत्य किया। कुड़ी पटाका दिल चुराके..हर वर्ग के हिसाब से गानों की प्रस्तुति देकर शिप्रा ने सभी को दीवाना बना लिया।

मेरठ के सारे रस ले लियो रे...
चलत मुसाफिर मोह लियो रे..मेरठ के सारे रस ले लियो रे पिंजड़े वाली मुनिया.., यह गाना शिप्रा गोयल ने जैसे ही गाया तो सभी आवाज पर फिदा हो गए। कुर्सी पर बैठे लोग खड़े हो गए और सुर से सुर मिलाने लगे। पुराने जमाने की गीतों की तान जब छिड़ी तो जय जय शिवशंकर..,रंग बरसे ने 50 उम्र पार के लोगों में उमंगें भर दीं। कमरिया हिले लपा लप, जिला टॉप लागेलू..भोजपुरी गीत ने समां बांध दिया।

दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम का आगाज
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कमिश्नर अनीता सी मेश्रम, राज्यसभा सदस्य कांता कर्दम, राज्यसभा सदस्य विजय पाल तोमर, दैनिक जागरण के वरिष्ठ निदेशक धीरेंद्र मोहन गुप्त और प्रबंध संपादक तरुण गुप्त ने दीप प्रज्जवलित कर किया। डांडिया रास में विधायक सत्य प्रकाश अग्रवाल, डा. सोमेंद्र तोमर, रफीक अंसारी, सत्यवीर त्यागी, कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा, जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन मनिंदर पाल सिंह, पूर्व विधायक डा. लक्ष्मीकांत बाजपेयी, पूर्व महापौर हरिकांत अहलूवालिया, एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार, आइजी मेरठ रेंज रामकुमार, एसएसपी अखिलेश कुमार, नगर आयुक्त मनोज चौहान, एडीएम सिटी मुकेश चंद्र, एसपी सिटी रणविजय सिंह, एसपी देहात राजेश कुमार, एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेयी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Posted By: Ashu Singh

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