मेरठ, [अनुज शर्मा]। रैपिड और मेट्रो रेल जब शहर में दौड़ेंगी तो आम जनमानस की जिंदगी बदल जाएगी। लेकिन उससे पहले यह लोगों के धैर्य की परीक्षा भी लेगी। रैपिड और मेट्रो के लिए दिल्ली रोड को दो साल के लिए बंद करना होगा। मेट्रो प्लाजा चौराहा पर 300 मीटर लंबा भूमिगत स्टेशन बनेगा। हालांकि, यह काम अभी कम से कम छह महीने बाद शुरू होगा लेकिन इस मार्ग को बंद करना इतना आसान नहीं है। लिहाजा अफसरों ने मंथन शुरू कर दिया है।

युद्धस्तर पर चल रहा काम

मेरठ-दिल्ली के बीच रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम और मेरठ शहर में मेट्रो रेल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है। चूंकि दोनों रेल एक ही लाइन पर चलाई जानी है लिहाजा दोनों योजनाओं का काम एनसीआर ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन कर रही है। मोहिउद्दीनपुर से रूड़की रोड पर सिवाया गांव तक रैपिड के चार और मेट्रो के 12 स्टेशन होंगे। सबसे बड़ी चुनौती मेरठ सेंट्रल स्टेशन बनाना होगा।

दो बरस रहेगी मुसीबत

300 मीटर लंबा यह स्टेशन सड़क और चौराहे के ठीक नीचे बनेगा। इसके लिए दिल्ली मार्ग को मेट्रो प्लाजा से संजय वन तक पूर्ण रूप से बंद करना होगा। भारी वाहन मेट्रो प्लाजा चौराहा को पार नहीं कर सकेंगे। लिहाजा दिल्ली रोड के ट्रैफिक को बेगमपुल और कंकरखेड़ा के माध्यम से गुजारना होगा।

टेंशन में हैं रैपिड अफसर

इसको लेकर अधिकारी टेंशन में हैं और मंथन कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से संपर्क साधकर योजना बनाने का कार्य शुरू कर दिया है।

रैपिड के स्टेशन

मेरठ साउथ (मोहिउद्दीनपुर के पास), शताब्दीनगर, बेगमपुल, मोदीपुरम

मेट्रो के स्टेशन

परतापुर, रिठानी, शताब्दीनगर, ब्रह्रमपुरी, मेट्रो प्लाजा चौराहा, भैंसाली, बेगमपुल, एमईएस, डौरली,मोदीपुरम

इनका कहना है

मेरठ सेंट्रल स्टेशन का निर्माण करना बड़ी चुनौती है। जनता को परेशानी तो होगी लेकिन उसके बाद मिलने वाली सुविधा सारे गम भुला देगी। हम इसके लिए गंभीरता से होमवर्क कर रहे हैं।

- डीपी श्रीवास्तव, सलाहकार रैपिड रेल प्रोजेक्ट 

Posted By: Prem Bhatt

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