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    Padmini Ekadashi: 'ब्रह्मा और इंद्र' के शुभ योग में करें पूजा, बरसेगी भगवान विष्णु संग मां लक्ष्मी की कृपा

    By Jagran NewsEdited By: Abhishek Saxena
    Updated: Sat, 29 Jul 2023 10:31 AM (IST)

    Padmini Ekadashi Vrat And Shubh Muhurat अधिकमास चल रहे हैं। अधिकमास में धर्म कर्म के कार्याें का फल दो गुना मिलता है। पद्मिनी एकादशी को पुरुषाेत्तम एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। तीन वर्षाें में ये एकादशी एक बार आती है इसलिए इसकी महत्तवता बढ़ जाती है। इस बार अधिकमास में पड़ने वाली ये एकादशी पर विशेष योग बन रहे हैं।

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    Padmini Ekadashi: पुरुषाेत्तम एकादशी के नाम से जानते हैं।

    मेरठ, जागरण संवाददाता। आज पुरूषोत्तम मास में शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। इसे कमला पुरूषोत्तम एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस एकादशी का संबंध भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी से है। कमला माता लक्ष्मी का एक नाम है। इस तिथि को भगवान श्रीकृष्ण ने उत्तम तिथियों में से एक बताया है।

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    ब्रह्मा और इंद्र नामक शुभ योग

    यह एकादशी में हर तीन साल में एक बार आती है। इसके अलावा आज ब्रह्मा और इंद्र नामक शुभ योग भी बन रहे हैं। जिससे एकादशी का महत्व बढ़ गया है। इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी का पूजन करें। साथ ही विष्णु सहस्त्रनाम व कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी। इस दिन व्रत करने से सुख, सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

    पद्मिनी एकादशी के व्रत की मान्यता

    इस व्रत की मान्यता है कि विधि-विधान से पद्मिनी एकादशी व्रत रखने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और साधक को कठोर यज्ञ, तपस्या, व्रत इत्यादी के समान फल की प्राप्ति होती है। साथ ही विधि-विधान से इस व्रत को पूर्ण करने से भगवान श्रीहरि के चरणों में स्थान प्राप्त होता है।

    डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहे।