मेरठ, जेएनएन। सिटी स्टेशन में ट्रेन का इंतजार करते समय आपका वक्‍त व्यर्थ नहीं जाएगा। अगर आप स्वास्थ्य को लेकर सजग हैं तो हेल्थ एटीएम आपको शरीर के बाहरी और अंदरूनी हाल 21 बिंदुओं की रिपोर्ट चार मिनट में देगी। वह भी 50 से 100 रुपये की वाजिब कीमत में। रिपोर्ट के लिए आपको इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा।

ये जांचें करेगी मशीन

शरीर का भार, शरीर में फैट की मात्रा, प्रोटीन मास, बॉडी मिनरल कंटेंट, बोन मिनरल कंटेंट, बीएमआर, प्रोटीन मास, स्केलटन मसल्स मास, एसपीओटू, ब्लड शुगर।

तीन प्रकार की जांच

शरीर की तीन प्रकार जांच हेल्थ एटीएम करेगी। मशीन आपको यह भी बताएगी कि आप का वेट ज्यादा या कम तो नहीं है। अगर वेट अधिक है तो सुझाव देगी कि कितने कैलोरी डायट आपको कम करने की जरूरत है। साथ ही एक्सरसाइज करने की सुझाव भी देगी। क्वांटीफिकेयर हेल्थ स्टेशन प्राइवेट लिमिटेड ने मेरठ, मुजफ्फरनगर सहित 11 स्टेशनों पर मशीन लगाने का लाइसेंस लिया है। लाइसेंस फीस के एवज में 14 लाख रुपये एक वर्ष के लिए दिए हैं।

80 रुपये करने होंगे अदा

बॉडी कंपोजीशन एनालिसिस के तहत शरीर की लंबाई चौड़ाई समेत 16 बिंदुओं का पूरी तरह सही मूल्यांकन कर रिपोर्ट मशीन देगी। इसके साथ सेचुरेशन फेरिफेरल आक्सीजन (एसपीओटू) की रिपोर्ट आप लेते हैं तो आपको 80 रुपये का भुगतान करना होगा, इसमें आपको शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा का पता चलेगा।

जल्‍द की जाएगी शुरुआत

एसपीओटू आपकी कार्य क्षमता को दर्शाता है अगर यह 95 से 100 प्रतिशत के बीच है तो आप सामान्य हैं, वहीं अगर यह 95 प्रतिशत कम है तो यह खराब रक्त आक्सीकरण दर्शाता है। अगर आप उक्त दोनों के साथ शुगर की मात्रा जानना चाहते हैं तो आपको 100 रुपये का भुगतान करना होगा। लेजर किरणों की तरंगों के द्वारा शरीर की जांच की जाएगी। स्टेशन अधीक्षक आरपी शर्मा ने बताया कि मशीन आ गई है, इसके लिए फीस का निर्धारण भी किया गया है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर जल्द इसे आरंभ किया जाएगा।

जांचें                                                                                    शुल्क रुपये में

बॉडी कंपोजीशन एनालिसिस                                                          50

बॉडी कंपोजीशन एनालिसिस, ब्लड प्रेशर, एसपीओटू                           80

बॉडी कंपोजीशन एनालिसिस, ब्लड प्रेशर, एसपीओटू, रेंडम ब्लड शुगर  100

मैकेनिकल से कंप्यूटरीकरण का सफर

बदलते दौर के साथ रेलवे में तकनीक बदल रही है। कुछ वर्षो पहले तक स्टेशनों पर शरीर का भार मापने की मशीन लगी होती थी, जिसमें यात्री खड़ा होता था। मशीन के ऊपरी भाग में लगा शीशे के केबिन में लगा चक्का घूमता था और टिकट निकलता था जिसमें भार के साथ भविष्यफल भी पता लगता था। यह मशीन मैकेनिकल सिद्धांत पर काम करती थी। अब शरीर का हाल बताने वाली मशीन पूरी तक कंप्यूटराइज्ड है। 

Posted By: Prem Bhatt

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