शामली, जागरण संवाददाता। गुरुवार को शामली जिले से पकड़े गए पीएफआइ के दो सक्रिय सदस्यों से एनआइए और एटीएस पूछताछ कर रही है। पूछताछ में इनका पाकिस्तान से फंडिंग कनेक्शन भी खंगाला जा रहा है। शामली के अन्य पीएफआइ सदस्याओं पर भी जांच एजेंसी की निगाह जमी है।

देशभर में पीएफआइ के खिलाफ एनआइए की कार्रवाई

देशभर में पीएफआइ के खिलाफ एनआइए की सबसे बड़ी कार्रवाई चल रही है। इसी क्रम में एनआइए और एटीएस ने गुरुवार को शामली के कैराना क्षेत्र के मामौर गांव के प्रधानपति मौलाना साजिद और सोंता रसूलपुर से शादाब नामक युवक को उठाया था। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां दोनों से पूछताछ कर उनका आतंकी कनेक्शन खंगाल रही है। एनआइए पूर्व में भी पीएफआइ के सदस्यों के खातों को खंगाल चुकी है।

जिलेभर में अन्य पीएफआइ के सक्रिय सदस्यों पर भी एजेंसियों की नजर

अब दोबारा से उनके बैंक खातों की जानकारी की जा रही है। सूत्रों की माने तो जिलेभर में अन्य पीएफआइ के सक्रिय सदस्यों पर भी जांच एजेंसियों की नजर है। उनके बारे में स्थानीय खुफिया विभाग की मदद से जानकारी की जा रही है। हालांकि स्थानीय पुलिस इस पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

अलर्ट जारी होने से सक्रिय हुआ पुलिस-प्रशासन

देश के कई राज्यों में छापेमारी कर पीएफआइ के सैंकड़ों पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को जांच एजेंसियों ने हिरासत में लिया है। छापेमारी के खिलाफ पीएफआइ के प्रदर्शन की आशंका के चलते शुक्रवार को प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया था। अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को कानून-व्यवस्था एवं अमन-शांति बरकरार रखने के लिए उचित कदम उठाने को कहा गया है। जुमे की नमाज के दौरान भी विशेष चौकसी बरतने के आदेश दिए गए थे।

एनआइए व एटीएस की टीम ने भी कैराना से उठाया था युवक 

14 सितंबर को एनआइए और लखनऊ एटीएस की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ कस्बे के मोहल्ला दरबार खुर्द में किराना की दुकान से साबिर को हिरासत में लिया था। हालांकि पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया था।

Edited By: Parveen Vashishta