मेरठ (पंकज तोमर)। आंखों पर काला चश्मा। स्कार्फ से ढका चेहरा। चमकती सफेद वर्दी और गर्दन के ठीक नीचे शर्ट के बटन पर लगे कैमरे वाली लड़कियां नुक्कड़-चौराहों पर रोक लें तो चौंकिएगा मत। क्योंकि, वह अपने शहर की ट्रैफिक महिला पुलिसकर्मी हैं, जो अब इसी रूप में आपको नजर आएंगी। पावर एंजल्स की सुरक्षा और ट्रैफिक पुलिस के प्रति लोगों की सोच बदलने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

महिला वाहन चालकों पर नजर

शहर के कुछ प्रमुख स्थानों पर पावर एंजल्स की ड्यूटी रहती है। बाकायदा यह भी पुरुष पुलिसकर्मी की तरह फर्ज निभाती हैं। अंतर बस इतना है कि इनकी महिला वाहन चालकों पर विशेष नजर रहती है। सूत्रों के मुताबिक, पिछले दिनों महिला पुलिस कर्मियों ने कुछ पुरुष वाहन चालकों के भी चालान किए थे। उनकी पुरुषों से नोकझोंक भी हुई और मामला उच्चाधिकारियों तक भी पहुंचा। आए दिन आने वाली इस तरह की शिकायतों के मद्देनजर महिला पुलिस कर्मियों की पहचान छिपाने का निर्णय किया गया है।

सुरक्षा का खयाल

कार्रवाई करते समय चेहरे पर स्कार्फ ढकने और आंखों पर चश्मा पहनने से उनकी पहचान स्पष्ट नहीं हो पाएगी, जिससे उनकी सुरक्षा को कोई खतरा भी नहीं होगा।

इतनी हैं महिला पुलिसकर्मी

शहर के यातायात को सुदृढ़ करने में सहयोग करने के लिए 11 स्कूटी हैं, जिन पर 22 पावर एंजल्स (महिला पुलिसकर्मी) रहती हैं। इनके अलावा कंट्रोल रूम में छह और करीब पांच पुलिसकर्मी दफ्तर के कार्य देखती हैं। दफ्तर में रहने वाली पुलिस कर्मियों पर यह निर्णय लागू नहीं होगा।

इनका कहना है

सुरक्षा के लिए पावर एंजल्स को कुछ दिशा-निर्देश दिए गए हैं। हर पुलिसकर्मी को साफ-सुथरी वर्दी में रहना होगा।

-संजीव कुमार बाजपेयी, एसपी-यातायात

Posted By: Ashu Singh

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