रविता ने बच्चों के लिए पूजा, मुस्कान ने भी बेटियों के लिए रखा व्रत; मृत्युदंड की सजा के बाद अहोई अष्टमी पूजा
मेरठ जिला कारागार में मृत्युदंड की सजा पाई मुस्कान और रविता सहित 23 महिला कैदियों ने अहोई अष्टमी का व्रत ...और पढ़ें

मुस्कान और रविता।
HighLights
मेरठ जेल में 23 महिला कैदियों ने अहोई अष्टमी व्रत रखा
मुस्कान और रविता ने बच्चों की दीर्घायु के लिए व्रत किया
जेल प्रशासन ने व्रत के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई
जागरण संवाददाता, मेरठ। मृत्युदंड की सजा पाई मुस्कान व रविता ने बच्चों की दीर्घायु के लिए अहोई अष्ठमी का व्रत रखा। जेल प्रशासन ने अहोई पूजा के लिए जरूरी सामान उन्हें उपलब्ध कराया। मुस्कान व रविता समेत महिला बैरक में बंद 23 महिला बंदियों ने अहोई अष्टमी का व्रत रखा। उन्होंने रात में पूजा कर तारे देखकर जल अर्पित किया ओर फिर व्रत खोला।
ब्रह्मपुरी निवासी मुस्कान ने अपने पति सौरभ राजपूत की प्रेमी साहिल संग मिलकर हत्या कर दी थी। जिला जज ने इस मामले में सुनवाई के बाद मुस्कान व साहिल को दोषी करार दिया और उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई है। उनकी अपनी हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर ली है।
महिला बैरक में बंद 23 महिलाओं ने रखा अहोई अष्ठमी का व्रत
बहसूमा निवासी रविता ने अपने पति अमित की हत्या प्रेमी अमरदीप संग मिलकर कर दी थी। उन्हें भी न्यायालय ने मृत्यु दंड की सजा सुनाई है। महिला बैरक में बंद 23 महिलाओं ने अहोई अष्टमी पर व्रत रखा और वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा से व्रत के लिए जरूरी सामान व पूजा की सामग्री मांगी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि व्रत रखने वाली सभी महिलाओं ने रात में तारे को जल अर्पित कर व्रत खोला।