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सौरभ राजपूत हत्याकांड: जिला अदालत ने मुस्कान-साहिल को सुनाई थी फांसी की सजा, अपील पर हाई कोर्ट में बहस के लिए तारीख तय

By Sushil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 27 Oct 2026 01:35 PM (IST)

सौरभ राजपूत हत्याकांड में मृत्युदंड की सजा पाए साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी की फांसी पर अब हाई कोर्ट में ...और पढ़ें

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HighLights

  1. जिला अदालत ने 30 सितंबर को ठहराया था दोषी।

  2. 27 अक्टूबर को सुनाई थी फांसी की सजा।

जागरण संवाददाता, मेरठ। चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मृत्युदंड की सजा पाने वाले साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी की फांसी पर अब हाई कोर्ट में सुनवाई होगी। दोनों की ओर से मृत्युदंड के खिलाफ दाखिल अपील को हाई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।

मामले में बहस के लिए 30 नवंबर की तारीख निर्धारित की गई है। हाईकोर्ट के अधिवक्ता सुशील कुमार शुक्ला के मुताबिक 16 नवंबर तक सरकारी अधिवक्ता उन्हें मुकदमे से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराएंगे। इसके बाद मामले में बहस की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

मेरठ में जिला जज अरविंद कुमार मिश्र की अदालत ने 30 सितंबर को साहिल और मुस्कान को सौरभ की हत्या का दोषी करार दिया था। इसके बाद 27 अक्टूबर को अदालत ने दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। अब हाईकोर्ट में अपील स्वीकार होने के बाद मृत्युदंड के फैसले पर सुनवाई होगी।

जिला अदालत ने सुनाई थी फांसी की सजा

जिला अदालत में सजा पर सुनवाई के दौरान सौरभ की मां रेणू और भाई बबलू ने दोनों दोषियों को मृत्युदंड देने की मांग की थी। जिला शासकीय अधिवक्ता केके चौबे ने भी साक्ष्यों के आधार पर दोनों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी। अदालत ने दोनों को मृत्युदंड से दंडित किया। अब हाईकोर्ट में अपील पर होने वाली सुनवाई इस मामले का अगला महत्वपूर्ण कानूनी पड़ाव है।

प्रेम विवाह के बाद रची गई हत्या की साजिश

ब्रह्मपुरी के इंद्रानगर निवासी सौरभ राजपूत ने वर्ष 2016 में गौरीपुरा निवासी मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था। वर्ष 2019 में पारिवारिक विवाद के बाद दोनों अलग हो गए थे। उसी वर्ष मुस्कान ने बेटी पीहू को जन्म दिया, जो वर्तमान में अपने नाना-नानी के पास रहती है।

इसी बीच मुस्कान की मुलाकात अपने स्कूल के सहपाठी और इंद्रानगर निवासी साहिल शुक्ला से हुई। सौरभ के विदेश जाने के बाद दोनों करीब आ गए।

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सौरभ के लौटने के बाद 24 फरवरी 2025 को उसकी हत्या की साजिश रची गई। तीन मार्च की रात उसकी हत्या कर शव के टुकड़े कर दिए गए और उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया गया। इसके बाद साहिल और मुस्कान हिमाचल घूमने चले गए। 17 मार्च को लौटने के बाद 18 मार्च को हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने 19 मार्च को दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उनकी निशानदेही पर ड्रम से सौरभ का शव बरामद किया गया।

ट्रायल के बाद दोषी ठहराए गए थे दोनों

पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपपत्र दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत में साक्ष्य और गवाह पेश किए गए। ट्रायल पूरा होने के बाद 30 सितंबर को जिला जज की अदालत ने साहिल और मुस्कान को हत्या का दोषी ठहराया। 27 अक्टूबर को दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। अब हाईकोर्ट में अपील पर 30 नवंबर को प्रस्तावित बहस के बाद मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।